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अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का 89वाँ स्थापना दिवस समारोह संपन्न - Kolkata Saransh News

अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का 89वाँ स्थापना दिवस समारोह संपन्न

 

 कोलकाता ; अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का स्थापना दिवस जी.डी. बिरला सभागार, बालीगंज में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिव कुमार लोहिया के अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सुप्रसिद्ध समाजसेवी, उद्योगपति श्री राधेश्याम गोयनका ने स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन किया। सभी अतिथियों एवं सम्मेलन के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन किया गया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार लोहिया ने सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए एवं सम्मलेन की स्थापना का संक्षिप्त परिचय करवाते हुए कहा कि सम्मेलन समाज की एकमात्र राष्ट्रीय प्रतिनिधि संस्था है, इसके परिचय से ही इसकी उपादेयता को समझा जा सकता है। सम्मेलन कार्य-बल, तपो-बल, संकल्प-शक्ति के साथ समाज के लिए काम कर रहा है। आज हम सम्मलेन के ध्येय वाक्य ‘म्हारो लक्ष्य राष्ट्र री प्रगति एवं इस सत्र के ध्येय वाक्य ‘आपणो समाज-एक समाज-श्रेष्ठ समाज’ की अवधारणा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सम्मेलन समाज-सुधार, संस्कार-संस्कृति चेतना, सामाजिक सुरक्षा, सामाजिक चेतनता को साकार करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। सम्मेलन के स्थापना दिवस का कार्यक्रम कई प्रांतों एवं शाखाओं में हो रहा है इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने प्रांतीय एवं शाखाओं के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आगे कहा कि सम्मेलन ने अपने स्थापना काल से ही समाज की कई समस्याओं का निवारण किया है। आज भी कई नई-नई विसंगतियां उत्पन्न हो रही है, इनका भी हमें चुनौती के साथ निवारण करना है। श्री लोहिया ने सभी समाज-बंधुओं से एकजुट होने का आह्वान किया।

समारोह के स्वागताध्यक्ष तथा निवर्तमान अध्यक्ष गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया ने स्वागत वक्तव्य देते हुए कहा कि आज हम ऐसे विभूति डॉ. देवेंद्र राज मेहता को सम्मानित कर रहे हैं जिससे हम खुद सम्मानित हो रहे हैं। अपने समाज से हमें आह्वान करना चाहिए कि हम राजनीति में अपनी भागिधारिता अधिक बढ़ाएं।

सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष तथा पुरस्कार उपसमिति के चेयरमैन पद्म श्री प्रहलाद राय अगरवाला ने कहा कि आज अपना समाज बेटी और बेटों से बहुत सुरक्षित है और प्रगतिशील हैं। हमें खुशी है कि आज हमारी युवा पीढ़ी हमें इग्नोरेंट से टेक्नोक्रैट की स्थिति में पहुँचा दिया है। युवा पीढ़ी से मेरा अनुरोध है कि समाजसेवा, दान और व्यापार हमारे खून में है, इसे उन्हें नहीं छोड़ना चाहिए।

उद्घाटनकर्ता राधेश्याम गोयनका ने कहा कि सम्मेलन समाज में व्याप्त विसंगतियों के विरुद्ध, युवा पीढ़ी में संस्कार एवं संस्कृति, मायड भाषा के प्रति जागरुकता का कार्य करता रहा है और आज भी कर रहा है। पिछले कुछ समय में युवा पीढ़ी पढ़ाई करके नौकरी करने की तरफ उन्मुख हुई है, जबकि हमारी पहचान अपने उद्योग-व्यापार खड़े करने की है, रोजगार सृजन करने की है। यह पहचान भुलाई नहीं जानी चाहिए।

विशिष्ट अतिथि ईश्वर चंद अगरवाला ने अपने व्यावसायिक जीवन संघर्षों की प्रेरक जानकारी देते हुए बताया कि मारवाड़ी होने का जो मुझे फायदा मिला वह यह कि मैं किसी भी समाज के लोगों से कुछ मांग लेता था तो मुझे मिल जाता था, लोग कहते थे कि मारवाड़ी है पैसा कहीं नहीं जाएगा। सम्मेलन के कार्यों की सराहना करते हुए, इसमें युवा पीढ़ी को जोड़ने की पहल का पदाक्षेप उठाने का सुझाव दिया। आगे श्री अगरवाला ने उच्च शिक्षा कोष में एक करोड़ रुपये के सहयोग की घोषणा की।

स्थापना दिवस पर पीड़ित मानवता की अप्रतिम मानवीय सेवा एवं वैश्विक स्तर पर सामाजिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान कर मारवाड़ी समाज का गौरव बढ़ाने वाले समाजसेवी पद्म भूषण डॉ. देवेंद्र राज मेहता को सम्मेलन के सर्वोच्च ‘मारवाड़ी सम्मेलन राजस्थानी व्यक्तित्व सम्मान-2022’ प्रदान किया गया। सम्मेलन पदाधिकारियों ने तिलक, बुके, पगड़ी, दुपट्टा, शॉल, श्रीफल, मानपत्र तथा एक लाख रुपयों की राशि प्रदान कर श्री मेहता को सम्मानित किया। तत्क्षण डॉ. मेहता ने घोषणा किया कि प्राप्त सम्मान राशि से सम्मेलन के नाम से हम दिव्यांगों को तीस पैर लगवा देंगे।

डॉ. देवेंद्र राज मेहता ने अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि समाज का यह सम्मान पाकर अभिभूत हूँ। श्री मेहता ने अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत और उसके अनुभव, आनंद के बारे में बताते हुए कहा कि हमसे किसी ने पूछा की आपको यह सेवा करके क्या मिलता है, मैंने कहा कि हम “मायूसी से मुस्कान तक की यात्रा” के साक्ष्य का आनंद लेते हैं। मारवाड़ी की पहचान उद्यम, उदारता और दान से है। चाहे मानवीय सेवाकार्य हो या जानवरों की सेवाकार्य हो मारवाड़ी समाज सभी तरह का सेवाकार्य कर रहा है। कोई भी बड़ा काम मारवाड़ी ही कर सकता है। आज की युवा पीढ़ी टेक्निकल हो गई है, जो अच्छी बात है।

सम्मेलन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदलाल रूंगटा, राम अवतार पोद्दार एवं  संतोष सराफ का सम्मान पगड़ी व दुपट्टा भेंटकर किया गया। युवा मंच के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष  प्रमोद शाह, प्रांतीय महिला सम्मेलन की अध्यक्ष श्रीमती बबिता बगड़िया, मारवाड़ी सम्मेलन के पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारियों, पूर्व प्रांतीय पदाधिकारियों, शाखाध्यक्ष को भी सम्मानित किया गया।

निवर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन कुमार गोयनका ने डॉ. देवेंद्र राज मेहता का संक्षिप्त परिचय दिया व मानपत्र का वाचन निवर्तमान राष्ट्रीय महामंत्री संजय हरलालका ने किया। सम्मेलन के मुखपत्र ‘समाज विकास’ के स्थापना दिवस विशेषांक का विमोचन मंचस्थ अतिथियों ने किया।

कार्यक्रम में सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश चंद काबरा (पूर्वोत्तर), विजय सकलेचा (मध्य प्रदेश), लक्ष्मीपत भूतोडिया (दिल्ली), श्याम सुंदर अग्रवाल (केरल) एवं नन्द किशोर अग्रवाल (पश्चिम बंग) का सम्मान सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष  लोहिया ने किया।

मंच का सफल संचालन सम्मेलन के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाशपति तोदी ने किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मधुसूदन सीकरिया ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

राजस्थान के बाड़मेर से आए स्टार्क संस्था के कलाकारों द्वारा गणेश वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया एवं सम्मान कार्यक्रम के उपरांत राजस्थानी लोकनृत्य-गीत, संगीत की मनमोहक प्रस्तुति राजस्थानी पारंपरिक वेशभूषा में की गई।

इस मौके पर सर्वश्री राज कुमार केडिया, पवन कुमार जालान, संजय गोयनका, महेश जालान, भानीराम सुरेका, दामोदर प्रसाद विदावतका, गोपाल अग्रवाल, आत्माराम सोंथलिया, शिव रतन फोगला, शंकर लाल कारिवाल, रवीन्द्र चमड़िया, मनीष लाखोटिया, दीनदयाल गुप्ता, बृजमोहन गाडोदिया, हरि प्रसाद बुधिया, संजय बुधिया, जे.एस. मेहता, बनवारी लाल शर्मा (सोती), राजेंद्र खंडेलवाल, संदीप गर्ग, कमलेश नाहटा, शरद सरावगी, महावीर मानकसिया, विजय कनोडिया, जुगल किशोर जाजोदिया, नंदलाल सिंघानिया, कमल कुमार सिंघानिया, राजेश अग्रवाल, बिश्वनाथ भुवालका, अरुण प्रकाश मल्लावत, अनिल मल्लावत, अरुण चुडीवाल, अतुल चुडीवाल, रमेश चुडीवाल, विनोद कुमार बगड़ोदिया, राजेश तुलस्यान, संतोष रुंगटा, डॉ सुरेश अग्रवाल, पीयूष कयाल, रघुनाथ प्रसाद झुनझुनवाला, सोहन राज सिंघवी, सज्जन बेरीवाल सहित समाज के अनेक बंधु-बांधव, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के काफी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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