कैट के महासचिव का ओएनडीसी सलाहकार परिषद से इस्तीफा का किया समर्थन : सुभाष अग्रवाला

 

 

आसनसोल:- कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) पश्चिम बंगाल के चेयरमैन सुभाष अग्रवाला ने रविवार कोलकाता सारांश को बताया कि (कैट) के राष्टीय महासचिव श्री प्रवीण खंडेलवाल ने (ओएनडीसी) के सलाहकार परिषद से इस्तीफा दिए जाने के निर्णय का में समर्थन करता हूं श्री अग्रवाला ने कहा कि उनका इस्तीफा व्यवसायिक संगठन तथा राष्ट्रीय के प्रति उनकी उच्च स्तरीय प्रतिबद्धता का परिचायक है सरकारी स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण संस्था से इस्तीफा देने के निर्णय के बाद उन्होंने एक बार भी इस पर दोबारा नहीं सोचा । यह निर्णय लेना आसान नहीं है । यह निर्णय सेवा के प्रति नि:स्वार्थ प्रतिबद्धता और संकल्प से ही संभव है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महासचिव श्री खंडेलवाल के इस निर्णय से संगठन के अन्य सदस्यों को भी सेवा भाव से कार्य करने का प्रोत्साहन मिला है इसके बाद सभी “भारत ई मार्केट” तथा व्यापारियों के हितों के कार्य और अधिक उत्साह और धैर्य के साथ कर सकेंगे सभी इस बात से अवगत है कि (ओएनडीसी) के कितने महत्वपूर्ण पद के लिए उनकी नियुक्ति की गई थी आप नियुक्तियों से समझौता करने के बजाए इस पद और जिम्मेवारी से मुक्त होने का उनका निर्णय निश्चय ही प्रशंसनीय है इससे संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी ।
श्री खण्डेलवाल ने कहा कि डिजिटल वाणिज्य के लिए मुफ्त नेटवर्क ओएनडीसी का गठन ई कॉमर्स को सशक्त बनाने के लिए किया गया है या परिषद सरकार को ओएनडीसी के डिजाइन और उसे तेजी से अपनाने के बारे में उपाय सूझाएगी उद्योग एवं आंतरिक व्यापारी विभाग ने ओएनडीसी परियोजना शुरू किया इसके जरिए पूरी मूल्य श्रंखला को डिजिटल किया जाएगा बयान में कहा कि नैतिकता तथा हीतो के टकराव से बचने के लिए श्री खंडेलवाल ने ओएनडीसी के सलाहकार परिषद पद से इस्तीफा दे दिया है
श्री खंडेलवाल ने बताया कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल को भेजी अपने त्यागपत्र में कहा कि ओएनडीसी जल्द ही एक ही ई कॉमर्स मंच के रूप में संचालन करना शुरु कर देगा उसका विचार है कि सलाहकार परिषद के सदस्य के रूप में उनका बने रहना नैतिकता के खिलाफ होगा क्योंकि जल्द ही अपना भी ई कॉमर्स पोर्टल “भारत ई मार्केट”शुरु करने जा रहा है उन्होंने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया कि इन्फोसिस के लंदन निलेकनि अमेजान को समर्थन कर रहे हैं जबकि आदिल जैनुलभाई रिलायंस के बोर्ड मे है निलेकनि और जैनुलभाई परिषद की सदस्यों में शामिल है।
उल्लेखनीय है कि अमेजोंन के ई कॉमर्स व्यवसाय को लेकर कैट का रूख काफी आक्रमक है जबकी कैट ने कई माह से संगठन उक्त कंपनी के स्तर पर अमेजोन की गतिविधियों का विरोध किया जा रहा है कैट का कहना है कि विदेशी कंपनियों को देश के कानूनों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा तथा उसकी गतिविधि देश हित में होनी चाहिए कैट ने उक्त कंपनी की कानूनी विरोधी गतिविधियों को लगातार केंद्र सरकार और राज्य सरकारो के समक्ष रखा है।

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