
श्रम कोड और सरकार की नीतियों के विरोध में निकला जुलूस, बैरिकेड पार करने की कोशिश पर कई हिरासत में
आसनसोल। केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में सोमवार को वाम मोर्चा की ओर से आसनसोल में ‘जेल भरो आंदोलन’ किया गया। जिसमे माकपा के छात्र, युवा और श्रमिक संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक शामिल हुए। इस दौरान आसनसोल के गिरजा मोड़ से निकला जुलूस भगत सिंह मोड़ होते हुए कोर्ट मोड़ की ओर बढ़ा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वामपंथी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। वाम मोर्चा की ओर से प्रदर्शन में करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता हाथों में भारतीय संविधान की प्रतियां लेकर पहुंचे। वहीं, पोस्टर और बैनर के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने नए श्रम कोड को वापस लेने सहित बेरोजगारी, महंगाई और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाए। वाम मोर्चा नेता गौरांग चटर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार संविधान की मूल भावना के अनुरूप काम नहीं कर रही है। उन्होंने श्रम कोड को तत्काल वापस लेने की मांग की। नेताओं ने कहा कि नई श्रम संहिताओं से श्रमिकों के अधिकार प्रभावित होंगे और सरकार को मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियों में बदलाव करना चाहिए। जुलूस जब कोर्ट मोड़ के पास पहुंचा तो पुलिस ने पहले से बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कई प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। मौके पर कुछ समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया। वाम मोर्चा ने प्रदर्शन को ‘जेल भरो आंदोलन’ बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के कारण कोर्ट मोड़ और आसपास के इलाके में कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाल हुई।
