
कोलकाता । लिथुआनिया (यूरोप) से पधारे स्वामी अनन्त बोध चैतन्य महाराज, भागवताचार्य स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने श्री सिद्धिविनायक देवस्थानम में भगवान श्रीगणेश के अलौकिक दर्शन कर पूजा – अर्चना की । प्रदीप नैयर ने इमामी फाउंडेशन के समाजसेवी राधेश्याम अग्रवाल, आर एस गोयनका एवं ट्रस्ट द्वारा किये जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी दी एवं स्वामी अनन्त बोध चैतन्य महाराज तथा भागवताचार्य स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज का स्वागत किया ।

स्वामी अनन्त बोध चैतन्य महाराज ने अपने आशीर्वचन में गौसंवर्धन, गोसंरक्षण की प्रेरणा दी । उन्होंने कहा मानव जीवन में शिशु अवस्था से वृद्धावस्था तक स्वस्थ, निरोगी काया के लिये गाय का दूध उपयोगी है । गौमाता की सेवा करने से श्रीकृष्ण का नाम बाल गोपाल प्रचलित हुआ । बीमार गौमाता के संरक्षण के लिये उन्होंने भारत में गौशाला के संचालक, सामाजिक कार्यकर्ताओं की सराहना की । स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने कहा गाय के उत्पाद दूध, दही, घी, माखन, मिठाई से भारत में व्यापार एवं करोड़ों नागरिकों का रोजगार जुड़ा है । भारत की अर्थ व्यवस्था गाय के दूध के उत्पाद से जुड़ी है । गौसंरक्षण भारतीय संस्कृति है ।
