जामुड़िया में पूर्व तृणमूल नेता पर भाजपा का हमला, अवैध निर्माण और प्रभाव के दुरुपयोग के लगाए आरोप; तृणमूल नेता बोले—बदनाम करने की साजिश

जामुड़िया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इसी क्रम में जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में भी एक नया विवाद सामने आया है। भाजपा कार्यकर्ता राहुल कुमार शर्मा ने क्षेत्र के निवासी घनश्याम जायसवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, घनश्याम जायसवाल ने इन सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। राहुल कुमार शर्मा का आरोप है कि घनश्याम जायसवाल पूर्व विधायक हरेराम सिंह के करीबी रहे हैं और उनके प्रभाव का इस्तेमाल कर वार्ड संख्या-4 में अपनी पकड़ बनाए हुए थे। उन्होंने दावा किया कि इसी प्रभाव का लाभ उठाकर घनश्याम जायसवाल ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कथित सरकारी भूमि पर अवैध रूप से दुकानें बनवाईं और उन्हें किराये पर दे रखा है। भाजपा कार्यकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव के बल पर घनश्याम जायसवाल ने अपने भाई को नगर निगम में नौकरी दिलाई। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में पार्टी कार्यालय में लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट और दबाव बनाने जैसी घटनाएं भी होती थीं। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए घनश्याम जायसवाल ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन दुकानों का उल्लेख किया जा रहा है, वे किसी सरकारी या पीडब्ल्यूडी की भूमि पर नहीं बनी हैं, बल्कि उनकी निजी जमीन पर वर्षों पहले निर्मित की गई थीं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले अवैध निर्माण कराने का आरोप भी पूरी तरह गलत है। घनश्याम जायसवाल ने यह भी कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों से उनका सक्रिय राजनीति से कोई संबंध नहीं है। वह किसी राजनीतिक दल की बैठक, रैली या कार्यक्रम में शामिल नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी छवि धूमिल करने और राजनीतिक कारणों से उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं। फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोप और प्रत्यारोप तक सीमित है। संबंधित आरोपों की किसी सक्षम सरकारी एजेंसी या प्रशासनिक स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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