रानीगंज में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन सेंटर का शुभारंभ, वैकल्पिक विवाद समाधान को मिलेगा बढ़ावा

रानीगंज। भारत के प्रख्यात शिक्षाविद, राष्ट्रचिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर रानीगंज में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन सेंटर (डीएसपीएमएएमसी) का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह उद्घाटन समारोह रानीगंज के सस्तीगढ़िया स्थित जायका रेस्टोरेंट में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में न्यायिक, विधिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह केंद्र आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन एक्ट, 1996 तथा मेडिएशन एक्ट, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य आर्बिट्रेशन (मध्यस्थ पंचनिर्णय), मेडिएशन (मध्यस्थता), अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिजोल्यूशन (एडीआर) तथा ऑनलाइन डिस्प्यूट रिजोल्यूशन (ओडीआर) जैसी आधुनिक एवं प्रभावी विवाद समाधान प्रणालियों को बढ़ावा देना तथा समाज में इनके प्रति जागरूकता विकसित करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमिटी लॉ स्कूल, कोलकाता, एमिटी विश्वविद्यालय, कोलकाता के पीएच.डी. (विधि) शोधार्थी एवं कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधिवक्ता स्वप्निल मुखर्जी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने भारत में संस्थागत आर्बिट्रेशन की बढ़ती आवश्यकता और प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तेज, किफायती, पारदर्शी एवं प्रभावी विवाद समाधान के लिए संस्थागत आर्बिट्रेशन समय की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका शोध विषय भी संस्थागत आर्बिट्रेशन है और भविष्य में इस क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। सेंटर का औपचारिक उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मदन मोहन मिश्र, पूर्व जिला न्यायाधीश तथा पीयूष कांति गोस्वामी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नोटरी पब्लिक अमिताभ बनर्जी तथा अधिवक्ता सौमित्र मुखर्जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अधिवक्ता यश सिंह चौहान, केतन माखारिया तथा रोनिका शॉ सहित विधि जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस महत्वपूर्ण पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केंद्र न केवल वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को बढ़ावा देगा, बल्कि कानून संबंधी अनुसंधान, व्यावसायिक प्रशिक्षण, विधिक जागरूकता तथा संस्थागत स्तर पर विवादों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन सेंटर भविष्य में पूर्वी भारत में एडीआर और ओडीआर प्रणाली के विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, सरल और प्रभावी बनाने में उल्लेखनीय योगदान देगा।

कार्यक्रम का समापन केंद्र की उज्ज्वल भविष्य यात्रा, निरंतर प्रगति एवं सफल संचालन की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित सभी अतिथियों ने इस पहल को न्याय व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *