जामुड़िया में आवास योजना को लेकर कटमनी का आरोप, ग्रामीणों ने बैठक कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग

जामुड़िया। जामुड़िया के चुरुलिया ग्राम पंचायत अंतर्गत देशेर मोहन गांव में बंगला आवास योजना को लेकर कथित कटमनी का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। योजना के लाभार्थियों ने आरोप लगाया है कि आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे कथित रूप से अवैध रूप से धनराशि वसूली गई, लेकिन पहली किस्त मिलने के बाद आज तक शेष राशि जारी नहीं की गई। इससे उनके मकानों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है और वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, विधानसभा चुनाव से पूर्व गांव के लगभग सात से आठ लोगों का चयन बंगला आवास योजना के तहत किया गया था। योजना के अंतर्गत पहली किस्त की राशि उनके बैंक खातों में जमा भी कर दी गई, जिसके बाद लाभार्थियों ने अपने घरों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित समय पर शेष किस्तें भी प्राप्त हो जाएंगी, जिससे निर्माण कार्य पूरा हो सकेगा। लाभार्थियों का आरोप है कि योजना का लाभ सुनिश्चित कराने के नाम पर स्थानीय तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उनसे कथित रूप से कटमनी की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि किसी से 10 हजार रुपये तो किसी से 5 हजार रुपये तक लिए गए। उनका आरोप है कि योजना से वंचित होने के डर से उन्होंने मजबूरी में यह राशि दी। ग्रामीणों का कहना है कि पहली किस्त के रूप में उन्हें लगभग 60 हजार रुपये प्राप्त हुए, लेकिन उसके बाद अब तक दूसरी अथवा शेष किस्त उनके खातों में नहीं आई। परिणामस्वरूप कई लाभार्थियों के मकान अधूरे पड़े हैं और वे आर्थिक तंगी के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने कथित रूप से पैसे लेने वाले लोगों से इस संबंध में संपर्क करने का प्रयास किया, तो उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें वहां से भगा दिया गया। इससे लाभार्थियों में असंतोष लगातार बढ़ता गया। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को देशेर मोहन गांव में लाभार्थियों एवं ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कथित कटमनी देने वाले सभी लोगों ने अपनी-अपनी आपबीती साझा की तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि योजना की लंबित किस्त शीघ्र जारी कराई जाए, ताकि अधूरे मकानों का निर्माण पूरा हो सके। बैठक में भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के स्थानीय नेता शेख मंडल भी उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीर बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने प्रभावित लाभार्थियों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। हालांकि, इस संबंध में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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