
कोलकाता, 03 जुलाई । हुगली जिले में वर्ष 2023 की रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा से जुड़े राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के मामले में विशेष अदालत ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस नेता शाकिर अली को सशर्त जमानत दे दी।
बिचार भवन स्थित विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश ने जमानत देते हुए शाकिर अली को निर्देश दिया कि आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल होने तक वह प्रत्येक पखवाड़े जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होंगे। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि बिना न्यायालय की अनुमति के वह पश्चिम बंगाल से बाहर नहीं जा सकेंगे। ये सभी शर्तें मामले में चार्जशीट दाखिल होने तक प्रभावी रहेंगी।
शाकिर अली को एनआईए ने 30 जून को हुगली जिले के रिषड़ा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एक जुलाई को अदालत ने उन्हें दो दिनों की एनआईए हिरासत में भेज दिया था।
जमानत की सुनवाई के दौरान शाकिर अली के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल जांच एजेंसी के प्रत्येक समन पर उपस्थित होते रहे हैं और वह कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। वहीं, एनआईए की ओर से जमानत का विरोध करते हुए दावा किया गया कि शाकिर अली जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि शाकिर अली, आरामबाग लोकसभा क्षेत्र से दो बार तृणमूल कांग्रेस की सांसद रह चुकीं अपरूपा पोद्दार के पति हैं। वह रिषड़ा नगरपालिका के वार्ड संख्या-4 से दो बार पार्षद भी निर्वाचित हो चुके हैं। यह मामला वर्ष 2023 में हुगली जिले में रामनवमी शोभायात्राओं के दौरान हुई हिंसा की जांच से जुड़ा है, जिसकी जांच एनआईए कर रही है।
