
जामुड़िया। कोयला उद्योग के श्रमिकों के लंबित वेतन समझौते को लेकर बुधवार को जामुड़िया के कुनुस्तोरिया क्षेत्र स्थित नॉर्थ सीआरसोल ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के नेतृत्व में कोयला श्रमिकों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। ‘1 जुलाई मांग दिवस’ के अवसर पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लेते हुए ज्वाइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर द कोल इंडस्ट्री (JBCCI-12) की तत्काल घोषणा और नए वेतन समझौते को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने प्रबंधन और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि लंबे समय से वेतन समझौते को लंबित रखा जाना कोयला श्रमिकों के साथ गंभीर अन्याय है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन श्रमिक अब भी पुराने वेतनमान पर काम करने को विवश हैं। इससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।सभा को संबोधित करते हुए सीटू नेताओं ने कहा कि JBCCI-12 के गठन और वेतन समझौते में हो रही देरी से देशभर के लाखों कोयला श्रमिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों की न्यायोचित मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जबकि कोयला उत्पादन बढ़ाने में मजदूरों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उनके अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
नेताओं ने कहा कि कोयला श्रमिक वर्षों से कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में समय पर वेतन समझौता लागू करना उनका वैधानिक और नैतिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के धैर्य की लगातार परीक्षा ली जा रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीटू नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र JBCCI-12 लागू नहीं किया गया और लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके तहत कोलफील्ड के विभिन्न क्षेत्रों में चरणबद्ध आंदोलन, प्रदर्शन और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की होगी। प्रदर्शन में शामिल श्रमिकों ने एक स्वर में सम्मानजनक वेतन, लंबित वेतन समझौते के शीघ्र क्रियान्वयन तथा श्रमिक हितों की रक्षा की मांग की। सीटू नेताओं ने सभी कोयला श्रमिकों से संगठित होकर आंदोलन को मजबूत बनाने और अपने अधिकारों की लड़ाई को एकजुटता के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक पुलिस एवं सुरक्षा बल तैनात रहे। श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन विभिन्न चरणों में जारी रहेगा।
