आसनसोल के बाराबनी मे चुनावी हिंसा समेत कई मामलों में टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष के भाई इंद्रजीत सिंह उर्फ पिंटू गिरफ्तार

आसनसोल । आसनसोल के बाराबनी क्षेत्र की राजनीति में मंगलवार को उस समय अचानक हलचल तेज हो गई, जब चुनावी हिंसा, कथित धमकी, डराने-धमकाने और अन्य दर्ज मामलों के आरोपी इंद्रजीत सिंह उर्फ पिंटू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इंद्रजीत सिंह, बाराबनी ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष असित सिंह के भाई बताए जाते हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंद्रजीत सिंह उर्फ पिंटू को बाराबनी थाना क्षेत्र के बलियापुर गांव से गिरफ्तार किया गया। उन पर वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा सहित 2021 से 2026 के बीच दर्ज कई मामलों में आरोपी होने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद बुधवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और केंद्रीय बलों की निगरानी में आसनसोल न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से आरोपी को सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने की मांग की थी ताकि दर्ज मामलों की गहन जांच की जा सके तथा घटनाओं से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित कड़ियों का पता लगाया जा सके। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों, विशेषकर भाजपा के नेताओं ने दावा किया कि चुनाव के बाद हुई हिंसा और राजनीतिक तनाव के दौरान पिंटू का नाम कई बार चर्चा में आया था। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित रूप से डराने-धमकाने तथा विभिन्न मामलों में उनका नाम सामने आता रहा है। स्थानीय स्तर पर भी लंबे समय से इंद्रजीत सिंह को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रही हैं। कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों और अन्य गतिविधियों में उनकी कथित दखलअंदाजी बनी रहती थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले की जांच जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंद्रजीत सिंह किसी अन्य मामले में अदालत पहुंचे थे। वहां से बलियापुर गांव पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही थाना परिसर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की और आरोपी को सुरक्षा घेरे में न्यायालय ले जाया गया। इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक आरोपी के परिवार अथवा तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस गिरफ्तारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। कुछ लोग इसे कानून के तहत सामान्य कार्रवाई मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे बदलते राजनीतिक परिदृश्य से जोड़कर देख रहे हैं। इधर, मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बाराबनी के विधायक अरिजीत रॉय ने कहा कि इंद्रजीत सिंह उर्फ पिंटू लंबे समय से विभिन्न आरोपों को लेकर चर्चा में रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों में लंबे समय से आक्रोश था और कानून अपना काम कर रहा है। अरिजीत रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी कानून के शासन में विश्वास रखती है। उन्होंने मांग की कि यदि किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी पर्याप्त साक्ष्य और मामले दर्ज हैं तो उनके विरुद्ध भी निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक ने विश्वास जताया कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी।फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है। क्षेत्र की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और आने वाले दिनों में इस मामले का राजनीतिक एवं कानूनी स्वरूप क्या होता है।

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