
जामुड़िया। जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के अखलपुर स्थित पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक हरेराम सिंह के कार्यालय में बड़ी मात्रा में राहत सामग्री मिलने की घटना से इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यालय में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है तथा विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार, कार्यालय परिसर से बड़ी संख्या में साड़ियां, तिरपाल, कंबल, लूंगी, गमछे तथा अन्य सामग्री मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि बरामद सामग्री की आधिकारिक सूची तथा उसके स्रोत को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले को लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आसनसोल जिला भाजपा के संगठनात्मक महासचिव राणा बनर्जी ने कहा कि कार्यालय से बरामद की गई सामग्री सरकारी राहत सामग्री प्रतीत होती है, जिसे जरूरतमंद लोगों के बीच वितरित किया जाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता के कर के पैसे से खरीदी गई सामग्री को लोगों तक पहुंचाने के बजाय कार्यालय में संग्रहित कर रखा गया था। राणा बनर्जी ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए तो अन्य स्थानों से भी इसी प्रकार की सामग्री मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। वहीं भाजपा के जामुड़िया के स्थानीय भाजपा नेता देवाशीष मंडल ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कार्यालय से बड़ी मात्रा में राहत सामग्री मिलने की घटना गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि यह सामग्री वास्तव में सरकारी योजनाओं से संबंधित है तो यह आम लोगों के अधिकारों से जुड़ा मामला है और इसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। वही दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है तथा कार्यालय में मौजूद सामग्रियों की प्रकृति, स्रोत और उपयोग से संबंधित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे भी इस मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक तथ्यों के सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
