पंचपांडव जल परियोजना को मिली रफ्तार, पांडवेश्वर के पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम

पीएचई अधिकारियों ने किया क्षेत्र का निरीक्षण, 10 दिनों में तैयार होगी डीपीआर; बजट में राशि आवंटित करने की तैयारी

पांडवेश्वर। लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे पांडवेश्वर क्षेत्र के लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है। विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में विधायक जितेंद्र तिवारी ने पहल तेज कर दी है। बहुप्रतीक्षित पंचपांडव जल परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इसी क्रम में मंगलवार को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचई) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा कर प्रस्तावित परियोजना के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया तथा परियोजना की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों ने स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और जल स्रोतों का भी जायजा लिया, ताकि भविष्य में क्षेत्र के लोगों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। विधायक जितेंद्र तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार ने पांडवेश्वर की पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता सूची में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि 18 जून से शुरू होने वाले बजट सत्र में इस परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए जाने की तैयारी चल रही है। 22 जून को पेश होने वाले बजट में पंचपांडव जल परियोजना के लिए राशि आवंटित किए जाने की संभावना है।परियोजना के तहत पांडवेश्वर क्षेत्र में आधुनिक जलापूर्ति ढांचा विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार पांडवेश्वर में 12 डीप ट्यूबवेल स्थापित कर एक अत्याधुनिक पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। वहीं नया डांगा क्षेत्र में 10 सरफेस ट्यूबवेल लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इसके अतिरिक्त ओसीपी क्षेत्र और बहुला समेत दो अन्य स्थानों पर खदान क्षेत्र से जल संग्रहण कर आपूर्ति प्रणाली विकसित की जाएगी। पीएचई विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगले दस दिनों के भीतर परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर कोलकाता स्थित मुख्यालय को भेज दी जाएगी। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद बजट स्वीकृति के तीन से चार महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। विधायक जितेंद्र तिवारी ने कहा कि यदि दुर्गापूजा से पहले परियोजना का कार्य प्रारंभ हो जाता है तो अगले वर्ष गर्मी के मौसम में क्षेत्रवासियों को पानी की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता से जो वादा किया गया था, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा और पंचपांडव जल परियोजना पांडवेश्वर के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग के शीर्ष अधिकारियों का स्वयं क्षेत्र में पहुंचकर निरीक्षण करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार पांडवेश्वर की जल समस्या के समाधान को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अब केवल योजना बनाने तक ही सीमित नहीं रहा गया है, बल्कि इसके क्रियान्वयन की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने भी परियोजना को लेकर संतोष व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान अब जल्द ही संभव हो सकेगा।

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