
कोलकाता, 01 जून । पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस विधायकों के कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच तेज करते हुए सीआईडी ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। इसी बीच, तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए तलब किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, डीआईजी रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में गठित इस एसआईटी में एक डीएसपी और दो निरीक्षक समेत कुल पांच वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। अभिषेक बनर्जी को सोमवार दोपहर भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है, हालांकि उनके स्वास्थ्य कारणों के चलते इस उपस्थिति पर फिलहाल संशय बना हुआ है।
यह पूरा मामला विधानसभा में दल के नेता या विपक्ष के मुख्य चेहरे के चयन की प्रक्रिया से जुड़ा है। नई सरकार के गठन के बाद छह मई को कालीघाट में आयोजित तृणमूल कांग्रेस विधायकों की बैठक में शोभनदेव चटर्जी के नाम का प्रस्ताव रखा गया था। इसके बाद विधानसभा सचिवालय को एक समर्थन प्रस्ताव सौंपा गया, जिसमें पार्टी के ७० विधायकों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था। यह विवाद तब गहराया जब कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित तौर पर विसंगति और असंगति सामने आई।
विधानसभा सचिवालय को संदेह हुआ कि कुछ विधायकों के हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं, जिसके बाद विधानसभा सचिव ने मामले की औपचारिक एफआईआर दर्ज कराई और इसकी उच्चस्तरीय जांच सीआईडी को सौंप दी गई।
इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले की जांच के सिलसिले में सीआईडी पहले ही विधायक नयना बनर्जी, बहारुल इस्लाम और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष को नोटिस जारी कर चुकी है।
