धर्मानुकूल, मर्यादित आचरण करें ; पण्डित विजय शंकर मेहता

कोलकाता। सुप्रसिद्ध कथा व्यास पंडित विजय शंकर मेहता ने अर्बनेश्वर देवालय ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित सप्ताहव्यापी श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा एवं ज्ञान यज्ञ में श्रोताओं को भाव – विभोर करते हुए कहा देवी काली की आराध्य बंगभूमि एवं गंगा नदी के तट पर श्रीमद् देवी भागवत कथा का श्रवण कर रहे श्रोता भाग्यशाली हैं । श्रीमद् देवी भागवत महापुराण एक बगिया है जिसमें पड़ाव एवं मंजिल दोनों का समावेश है । देवी सीता का अहंकारी, क्रोधी रावण ने हरण किया लेकिन श्रीराम ने देवी उपासना कर शक्ति का संचय कर रावण का विनाश किया । वीर हनुमान एवं वानर सेना के पराक्रम से रावण का विनाश हुआ । पण्डित मेहता ने धर्मानुकूल, मर्यादित आचरण करते हुए शक्ति का संचय एवं सदुपयोग करने की प्रेरणा दी । पण्डित मेहता ने माता यशोदा के वात्सल्य, स्नेह एवं रुक्मणी संग श्रीकृष्ण विवाह के प्रसंग में कहा श्रीकृष्ण का जीवन श्रेष्ठ सद्गृहस्थ जीवन था । उन्होंने मन का शुद्धिकरण करने की प्रेरणा देते हुए कहा माया यानि भ्रम के जंजाल से दूर रह कर सरलता से जीवनयापन करें । जरा मुस्कुराइये … एवं भक्ति भजनों की प्रस्तुति से वातावरण भक्तिमय हो गया । के के सिंघानिया, दामोदर चौधरी, सुशील अग्रवाल, राजकुमार जालान, सुशील खेतान एवं श्रद्धालु भक्तों ने व्यास पीठ का पूजन किया ।

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