
पहली कैबिनेट बैठक में नई सरकार का स्पष्ट संदेश — विकास, सुरक्षा और सुशासन होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। राज्य सचिवालय नवान्न सभाघर में आयोजित भाजपा सरकार की पहली मंत्रिमंडल बैठक में मुख्यमंत्री ने कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा कर राज्य प्रशासन को नई दिशा देने का संकेत दिया। बैठक में राज्य के वरिष्ठ मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे।बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर पश्चिम बंगाल को विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि जनता के हित में चल रही सभी सामाजिक योजनाएं पूर्ववत जारी रहेंगी और किसी भी लाभार्थी को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछली सरकारों द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने का कोई सवाल ही नहीं उठता, बल्कि उन्हें और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाया जाएगा।
सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा निर्णय
नई सरकार ने राज्य की सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। सरकार ने अगले 45 दिनों के भीतर सीमावर्ती क्षेत्रों में कंटीले तार लगाने और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए भूमि हस्तांतरण का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ सीधा समन्वय स्थापित कर तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि सीमावर्ती इलाकों में अवैध गतिविधियों और घुसपैठ पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा फैसला, आयुष्मान भारत लागू
राज्य की जनता को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत’ योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की। अब राज्य के लाखों नागरिक इस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ सीधे उठा सकेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार ने ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसे केंद्रीय कार्यक्रमों को भी पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इन योजनाओं के लागू होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में व्यापक लाभ मिलेगा।

भारतीय न्याय संहिता लागू करने का ऐलान
मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रणाली को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) को औपचारिक रूप से लागू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य पुराने आपराधिक कानूनों की व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए नए संवैधानिक ढांचे के अनुरूप कार्य करेगा।उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था को नए आपराधिक कानूनों के अनुसार ढालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके तहत पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक कर्मचारियों को नए कानूनों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है।
केंद्र और राज्य के बीच बढ़ेगा तालमेल
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बैठक को नई सरकार की कार्यशैली का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दोहराया कि उनकी सरकार टकराव की राजनीति से दूर रहकर केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम करेगी ताकि विकास परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभागों को पारदर्शिता तथा जवाबदेही के साथ काम करना होगा। नई सरकार के इन फैसलों के बाद राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार कई और बड़े प्रशासनिक तथा विकासात्मक फैसले ले सकती है।
