
पांडवेश्वर। पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के सरपी स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में उस समय अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जब विधायक जितेंद्र तिवारी के आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग वहां पहुंच गए। निर्धारित कार्यकर्ता बैठक अचानक जनसभा का रूप ले बैठी और कार्यालय परिसर खचाखच भर गया। भीड़ इतनी अधिक हो गई कि कार्यालय के भीतर सभी के बैठने की व्यवस्था संभव नहीं हो सकी। इस स्थिति को देखते हुए विधायक जितेंद्र तिवारी को कार्यालय की छत पर जाकर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करना पड़ा। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने व्यवस्था में हुई असुविधा के लिए खेद प्रकट किया और सभी से क्षमा मांगी.विधायक ने उपस्थित जनता और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पांडवेश्वर की जनता ने जिस विश्वास और समर्थन के साथ उन्हें विजय दिलाई है, वह उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि वे मूल रूप से एक सांगठनिक बैठक के लिए आए थे, किंतु इतनी विशाल संख्या में लोगों का स्नेह देखकर वे अभिभूत हैं।अपने भाषण के दौरान उन्होंने अनुशासन पर विशेष जोर दिया और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अराजकता को पार्टी में स्थान नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित संगठन है, और यदि कोई कार्यकर्ता पार्टी के नाम पर किसी अन्य के कार्यालय पर कब्जा करने या मारपीट जैसी गतिविधियों में शामिल होता है, तो उसे संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। विधायक ने यह भी बताया कि प्रदेश नेतृत्व द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि हिंसा या उत्पीड़न में संलिप्त लोगों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संयम और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की। अपने संबोधन के अंत में जितेंद्र तिवारी ने कहा कि उन्होंने जिन लोगों ने उन्हें समर्थन दिया और जिन्होंने नहीं दिया, दोनों को समान रूप से अपना माना है। वे सभी के सुख-दुख में सहभागी रहेंगे। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि आगामी 10 मई से वे विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव का दौरा कर जनता से सीधे संवाद करेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे.यह आयोजन न केवल संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक बना, बल्कि क्षेत्र में भाजपा के प्रति बढ़ते जनसमर्थन का भी संकेत दे गया।
