
कोलकाता, 2 अप्रैल 2026 सियालदह डिवीजन ने एसिड अटैक सर्वाइवर्स को सशक्त बनाने के लिए ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ (ओएसओपी) स्टॉल प्रदान किया है। छनव फाउंडेशन की इन बहादुर महिलाओं को अब सीलडह स्टेशन पर अपनी हस्तशिल्प वस्तुएं बेचने का मंच मिला है, जो उनकी गरिमा और आर्थिक स्वावलंबन की कहानी बयां करता है।
छनव फाउंडेशन 2013 से एसिड अटैक पीड़ितों की समग्र पुनर्वास के लिए काम कर रही है। फाउंडेशन का ‘शेरोज’ ऑनलाइन स्टोर हर उत्पाद को ‘साहस से बुना, बदलाव के लिए सजाया’ का प्रतीक बनाता है। इन सर्वाइवर्स के कुशल हाथों से बने हस्तशिल्प अब रेल यात्री खरीद सकेंगे।

भारतीय रेल का ओएसओपी योजना स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देती है। रेलवे स्टेशनों पर स्वयं सहायता समूहों और हाशिए पर रहने वाले कारीगरों को स्टॉल मिलते हैं, जिससे वे यात्रियों तक अपनी स्वदेशी वस्तुएं पहुंचा सकें।
यह पहल पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद डिओस्कर ने हाल के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर की कल्पना की थी। उद्घाटन सीलडह डिवीजनल रेलवे मैनेजर श्री राजीव सक्सेना, वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व रेलवे महिला संगठन (ईआरडब्ल्यूडब्ल्यूओ) की अध्यक्षा सुश्री निधि सक्सेना और अन्य सदस्यों ने किया।
