आसनसोल। रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आसनसोल-हावड़ा जीआरपी ने एक सराहनीय पहल के तहत कई लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटाए। इस मानवीय और जिम्मेदार कार्रवाई से न केवल लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई, बल्कि पुलिस के प्रति विश्वास भी और मजबूत हुआ। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से दर्ज शिकायतों के आधार पर जीआरपी द्वारा लगातार प्रयास कर खोए हुए मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया और संबंधित व्यक्तियों से संपर्क स्थापित कर उन्हें थाने बुलाया गया। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल उनके मालिकों को सौंप दिए गए। इस दौरान बर्नपुर निवासी उतम कुमार कुंडू ने बताया कि वर्ष 2023 में बर्नपुर रेलवे स्टेशन पर उनका मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया था।काफी खोजबीन के बाद भी जब फोन नहीं मिला तो उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन जीआरपी के प्रयासों से आज उन्हें उनका फोन वापस मिल गया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि मेरा फोन वापस मिलेगा। मैं रेल पुलिस का दिल से आभारी हूं। वहीं, अनूप शर्मा ने बताया कि करीब छह महीने पहले रेल यात्रा के दौरान उनका मोबाइल फोन खो गया था। उन्होंने तत्काल जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी। आज पुलिस द्वारा फोन वापस मिलने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “यह मेरे लिए बेहद सुखद अनुभव है। पुलिस ने जिस तत्परता से काम किया, वह काबिले-तारीफ है। इस मौके पर जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यात्रा के दौरान अपने सामान का विशेष ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की घटना होने पर तुरंत नजदीकी जीआरपी थाना में सूचना दें।आसनसोल-हावड़ा जीआरपी की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रयास ईमानदारी से किया जाए, तो खोई हुई उम्मीदें भी फिर से लौट सकती हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने इस कार्य की खुलकर सराहना की है।
