ईद के मंच से ममता का हमला : एसआईआर के बहाने की जा रही है मतदान अधिकार छीनने की कोशिश

कोलकाता, 21 मार्च । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित ईद समारोह में हिस्सा लेते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए लोगों का मतदान अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है।
ईद की नमाज के बाद उपस्थित हजारों लोगों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी हालत में लोगों का वोट देने का अधिकार खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए तृणमूल कांग्रेस अंत तक संघर्ष करेगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि राज्य के लोगों के अधिकारों को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान अनेक लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इस मामले में उनकी पार्टी ने पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय और बाद में उच्चतम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि यह प्रक्रिया चुनावी समीकरण को प्रभावित करने के उद्देश्य से की जा रही है और खास तौर पर अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में भाजपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पैसे लेकर वोटों का बंटवारा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राज्य की जनता ऐसी साजिशों को सफल नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री ने बंगाल की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां सभी धर्मों के लोग मिलकर रहते हैं और राज्य की सामाजिक एकता को तोड़ने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बंगाल एकता में विश्वास करता है और यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी समुदाय आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं।
रेड रोड पर होने वाला ईद का यह वार्षिक आयोजन पूर्वी भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में माना जाता है। चुनावी वर्ष में यह कार्यक्रम राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसके माध्यम से राजनीतिक दल राज्य के लगभग 30 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
इस बार का आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा अपनी चुनावी स्थिति मजबूत करने के प्रयास में जुटी है।

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