
कोलकाता, 09 मार्च। पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर आए भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार सुबह कोलकाता के प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे। इस दौरान मंदिर के बाहर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल भी मौजूद रहे। दोनों के मंदिर पहुंचने से पहले ही मंदिर परिसर के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाते हुए निर्वाचन आयोग और विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची से कई लोगों के नाम अनावश्यक रूप से हटा दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के सामने ही प्रदर्शनकारियों ने आयोग के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
विरोध के बीच ही ज्ञानेश कुमार मंदिर के भीतर प्रवेश कर पूजा-अर्चना की। उस समय उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। मंदिर से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने केवल इतना कहा, “पश्चिम बंगाल के सभी भाइयों और बहनों को मेरा नमस्कार। काली मां सभी को सुखी रखें।” विरोध प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और वहां से रवाना हो गए।

निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ रविवार रात को कोलकाता पहुंची थी। इस दौरे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी शामिल हैं। सोमवार सुबह लगभग 10 बजे आयोग की विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बैठक निर्धारित है। इसके बाद आयोग राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक करेगा, जिसमें राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, कालीघाट मंदिर के दर्शन के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त के बेलूर मठ जाने की भी संभावना है।

