मन का शुद्धिकरण जरूरी है । – स्वामी त्रिभुवनपुरी

कोलकाता । भागवताचार्य स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने श्रद्धालु भक्तों के जीवन में सुख – शान्ति की शुभकामना देते हुए कहा होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, क्योंकि यह पर्व भगवान नृसिंह (विष्णु) द्वारा हिरण्यकश्यप पर विजय प्राप्त करने की स्मृति में मनाया जाता है। होली की उत्पत्ति भारत में हुई और यह मुख्य रूप से भारतीय उपमहाद्वीप में मनाया जाता है । उन्होंने कहा मानव जीवन में मन का शुद्धिकरण जरूरी है । शरीर जल से, मन सत्य से, बुद्धि ज्ञान से और आत्मा संस्कार से पवित्र होती हैं बाकी सब कर्म एवम् स्वभाव पर निर्भर करता है । रामायण में दो पात्र हैं – विभीषण और कैकई । विभीषण रावण के राज्य में रहकर भी श्रीराम भक्त था और कैकई रामराज्य (अयोध्या) में रह कर भी नहीं सुधरी । स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने मानव जीवन में परस्पर सामाजिक सद्भावना से निःस्वार्थ सेवाकार्य करने की प्रेरणा दी । अनिल जालान, सुभाष जैन, विकाश गोयल एवम् श्रद्धालु भक्त उपस्थित थे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *