कोलकाता, 3 मार्च । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डोल यात्रा और होली के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लोगों से पवित्र सद्भाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि रंगों का यह पर्व समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की डोल उत्सव से जुड़ी पंक्तियां साझा करते हुए कहा कि यह पर्व लोगों के बीच प्रेम और एकजुटता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि डोल यात्रा के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं, शांति और आनंद के रंग मानवता में पवित्र सद्भाव लाएं।
इस वर्ष डोल यात्रा के साथ गौर पूर्णिमा और श्री चैतन्य महाप्रभु की जयंती भी मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चैतन्य महाप्रभु के जीवन और उनके मानवता के आदर्श पिछले 500 वर्षों से लोगों को प्रेरित करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाप्रभु ने प्रेम और समानता के संदेश के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में बांधा और बंगाल में नवजागरण का मार्ग दिखाया।
मुख्यमंत्री ने लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि वे चैतन्य महाप्रभु की धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता की परंपरा को बनाए रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार महाप्रभु की जन्मस्थली नवद्वीप को विरासत नगर के रूप में विकसित कर रही है और पास स्थित मायापुर में एक पवित्र तीर्थ नगर के निर्माण के लिए 700 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
इसी अवसर पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भी डोल पूर्णिमा और होली की शुभकामनाएं देते हुए लोगों के सुख और समृद्धि की कामना की।
