
जामुड़िया। गर्मी की औपचारिक शुरुआत से पहले ही जामुड़िया क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। आसनसोल नगर निगम के जामुड़िया बोरो–एक अंतर्गत वार्ड संख्या 8 के बीजपुर गांव में पिछले कई दिनों से नलों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने के विरोध में ग्रामीणों ने मुख्य सड़क मार्ग पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया।आक्रोशित ग्रामीणों ने जामुड़िया से रानीगंज जाने वाले प्रमुख मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से घरों के पास लगे नलों में निर्धारित समय पर पानी नहीं आ रहा है। उनका कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर वर्ष गर्मी शुरू होने से पहले ही जलापूर्ति बाधित होने लगती है। जब स्थिति गंभीर होती है, तब अस्थायी समाधान के रूप में पानी के टैंकर भेज दिए जाते हैं, लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं होते। स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि जो पानी आपूर्ति किया जा रहा है, वह अत्यंत गंदा और अशुद्ध है। दूषित पानी के सेवन से बच्चों और बुजुर्गों में पेट संबंधी बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों को उपचार के लिए निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। सड़क जाम की सूचना मिलते ही जामुड़िया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक नियमित एवं स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। पुलिस के साथ लंबी बातचीत और आश्वासन के बाद कई घंटों पश्चात सड़क अवरोध हटाया गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। वही स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे पुनः व्यापक आंदोलन करेंगे। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में जल संकट को लेकर चिंता और बढ़ गई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
