
कोलकाता, 22 ,फरवरी , 2026 : साहित्यिक संस्था ” नव- सृजन: एक सोच ” के तत्वावधान में एक ऑनलाइन पुस्तक परिचर्चा का आयोजन हुआ, परिचर्चा के केंद्र में रहा कवयित्री एवं पेशे से शिक्षिका सुषमा राय पटेल जी का काव्य संग्रह ” मन की लहरें ”
कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री मौसमी प्रसाद ने आमंत्रित वक्ताओं के स्वागत भाषण से किया , उन्होंने संस्था का एक संक्षिप्त परिचय भी ऑनलाइन उपस्थित अतिथियों और श्रोताओं के समक्ष रखा, कार्यक्रम का कुशल संचालन कवयित्री भारती मिश्रा ने किया l
इस परिचर्चा में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली से शामिल हुईं डॉ चंचल हरेंद्र वशिष्ट, विशिष्ट अतिथि के रूप में बंगीय हिन्दी परिषद के अध्यक्ष श्री गजेंद्र नाहटा शामिल हुए l इस परिचर्चा में पश्चिम बंगाल और दिल्ली की कवयित्रियों एवं साहित्यकारों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज की, जिसमें मुख्य रूप से स्वागता बसु, कोलकाता, ,मंजू चौहान, दिल्ली ,पुष्पा मिश्रा, कोलकाता ,छाया सिंह, दिल्ली ,डॉ शिप्रा मिश्रा, कोलकता, मौसमी प्रसाद, कोलकाता ,प्रो. सीमा साह, मिदनापुर , तथा संस्था के सह – संस्थापक रवि कुमार रवि एवं अमित कुमार अम्बष्ट ” आमिली ‘ क्रमशः पटना और कोलकाता से इस परिचर्चा का हिस्सा बनें । तकरीबन सभी सहभागी साहित्यकारों ने संग्रह के रचनाओं की भूरि -भूरि प्रसंशा की तथा पुस्तक को सभी वर्ग के पाठकों के लिए उपयोगी बताया l इस अवसर पुस्तक की लेखिका सुषमा राय पटेल भी उपस्थित रही, उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि आज का यह अवसर मेरे लिए अत्यंत भाव-विभोर करने वाला और अविस्मरणीय रहा ,मेरे काव्य-संग्रह पर आयोजित इस गरिमामयी परिचर्चा में आप सभी की स्नेहपूर्ण उपस्थिति ने इस क्षण को एक सच्चे साहित्यिक उत्सव में परिवर्तित कर दिया है। इस अवसर वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश चौधरी , गिरिधर राय, रमाकांत सिन्हा सहित अन्य श्रोतागण भी परिचर्चा से जुड़े रहे, कार्यक्रम बेहद सार्थक और सफल रहा l
