विधायक अग्निमित्रा पाल के जनसंपर्क अभियान के दौरान तनाव

भाजपा-तृणमूल भिड़ंत के बाद सुरक्षा कर्मियों ने विधायक को निकाला बाहर

आसनसोल। आसनसोल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आसनसोल दक्षिण विधानसभा के न्यू एगरा इलाके में बुधवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब आसनसोल दक्षिण की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल अपने जनसंपर्क अभियान के तहत क्षेत्र में पहुँचीं। इस दौरान स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने विधायक को घेरते हुए ‘गो बैक’ के नारे लगाए और चुनाव के बाद क्षेत्र से गायब रहने का आरोप लगाया।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब भाजपा एवं तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और आपसी झड़प शुरू हो गई। हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा बलों ने विधायक अग्निमित्रा पाल को सुरक्षित भीड़ से बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया।


घटना को लेकर विधायक अग्निमित्रा पाल ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना तृणमूल कांग्रेस की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लगातार बाधा डालने के बावजूद वे जनता के बीच जाना बंद नहीं करेंगी।
विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के ज़ोनल-4 अंतर्गत न्यू एगरा इलाके में उनके ‘पड़ाय-पड़ाय दीदीभाई’ घर-घर अभियान के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बाधाएं उत्पन्न की गईं और हमले की कोशिश की गई।


उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधा संदेश देते हुए कहा कि “पार्टी का आतंक दिखाकर भाजपा को सच बोलने से कभी रोका नहीं जा सकता। बंगाल की जनता बदलाव चाहती है और वर्ष 2026 में पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी—इस लक्ष्य के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
वहीं दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया के माध्यम से तंज कसते हुए विधायक के विकास कार्यों के रिपोर्ट कार्ड को ‘शून्य’ बताते हुए कहा कि जनता उनके झूठ और नाटकबाज़ी का जवाब दे रही है।

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