
कोलकाता, 10 फरवरी । पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत अंतिम मतदाता सूची अब 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। मंगलवार को एसआईआर का संशोधित कार्यक्रम जारी करते हुए निर्वाचन आयोग ने इसकी जानकारी दी। यह निर्णय राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में आयोग के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया।
इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल में एसआईआर की समयसीमा बढ़ा दी गई थी। शीर्ष अदालत ने स्क्रूटिनी के लिए सात दिन की अतिरिक्त अवधि देने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इस संबंध में अंतिम निर्णय निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) ही लेंगे। अदालत ने यह भी कहा कि माइक्रो ऑब्जर्वरों को इस प्रक्रिया में निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के चलते अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन में देरी की संभावना पहले ही जताई गई थी। आयोग ने सोमवार को ही संकेत दिया था कि समयसीमा में बदलाव होगा। अब इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि सुनवाई की अवधि बढ़ाने के लिए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने पहले ही निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा था।
आयोग सूत्रों के अनुसार, सात दिन की अतिरिक्त अवधि मिलने के बाद एसआईआर से जुड़ी सुनवाई (हियरिंग) 14 फरवरी तक पूरी होगी। इसके बाद 21 फरवरी तक स्क्रूटिनी का काम चलेगा। पहले आयोग की ओर से 14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी करने की घोषणा की गई थी, लेकिन संशोधित कार्यक्रम के तहत अब इसे एक सप्ताह और आगे बढ़ाते हुए 28 फरवरी कर दिया गया है।
निर्वाचन आयोग का कहना है कि अतिरिक्त समय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईआरओ और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) सभी दस्तावेजों की सही तरीके से जांच कर अंतिम निर्णय ले सकें, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित हो।
