
कोलकाता, 23 जनवरी । पश्चिम बंगाल में हाई प्रोफाइल वित्तीय अपराध मामलों की जांच की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक विशेष बैठक शुक्रवार को कोलकाता स्थित ईडी कार्यालय में शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता ईडी निदेशक राहुल नवीन कर रहे हैं। वह गुरुवार शाम को कोलकाता पहुंचे थे। बता दें कि 6 जनवरी की सुबह जब दो स्थानों पर छापेमारी चल रही थी, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के साथ इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आईपैक) के दफ्तर में ईडी की छापेमारी के दौरान हस्तक्षेप की थी और मौके से कई सारे फाइल, हार्ड डिस्क, लैपटॉप और मोबाइल अपने साथ ले गई थीं। इसमें पश्चिम बंगाल पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने उनकी मदद की थी, जिसकी चौतरफा आलोचना हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को अराजक स्थिति बताया है और मामले में सुनवाई जारी है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्य से जुड़े विभिन्न बड़े वित्तीय अपराध मामलों की जांच की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। इन मामलों में कोयला तस्करी, राज्य संचालित स्कूलों और नगर निकायों में भर्ती अनियमितताओं से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। इसके साथ ही कोयला तस्करी मामले में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी की कथित भूमिका पर भी विशेष रूप से विचार किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण बैठक को देखते हुए साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी का कार्यालय को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। जांच से जुड़े अधिकारियों ने निदेशक के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए अपनी अपनी प्रगति रिपोर्ट पहले ही तैयार कर ली है, जिनमें प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति का विवरण शामिल है।
बैठक के दौरान ईडी निदेशक राहुल नवीन से आगे की जांच की दिशा और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर आवश्यक निर्देश दिए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा हाल ही में आईपैक के साल्ट लेक कार्यालय और उसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर हुई छापेमारी और तलाशी को लेकर उठे विवादों के मद्देनजर, छापेमारी और तलाशी अभियानों के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर भी दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि, 6 जनवरी की सुबह जब इन दोनों स्थानों पर छापेमारी चल रही थी, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के साथ वहां पहुंची थीं और कई फाइलें व इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज अपने साथ ले गई थीं। आईपैक वर्ष 2020 से तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति एजेंसी के रूप में काम कर रही थी।
फिलहाल, इस पूरे मामले से जुड़ी दो याचिकाएं और प्रतियाचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं। ईडी की ओर से दायर मुख्य याचिका में मुख्यमंत्री पर अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग कर केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने अपनी याचिका में ईडी पर आरोप लगाया है कि वह आगामी विधानसभा चुनावों से जुड़ी पार्टी की रणनीति वाले अहम दस्तावेज जब्त कर उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सौंपने की कोशिश कर रही है।
