
कोलकाता, 22 जनवरी । मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को 49वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले का उद्घाटन किया। समारोह में उन्होंने अपने चित्रों की प्रदर्शनी को लेकर हुई सीबीआई जांच का जिक्र करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से वह स्वयं को अपमानित और लांछित महसूस कर रही थीं। उन्होंने कहा कि केवल दो कला प्रदर्शनियां आयोजित करने के कारण उनके खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई हुई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने द्वारा बनाए गए चित्रों की दो प्रदर्शनियां आयोजित की थीं, जिसके बाद इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। ममता बनर्जी ने कहा, “मैंने दो प्रदर्शनियां की थीं, उसी के बाद मेरे खिलाफ सीबीआई जांच हुई। उस घटना के बाद से मैंने खुद को अपमानित महसूस किया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चित्रों की बिक्री से प्राप्त धन का एक पैसा भी उन्होंने अपने लिए नहीं रखा, बल्कि वह धन एनजीओ, स्पास्टिक सोसाइटी या सरकारी कार्यों में गरीबों की सहायता के लिए दे दिया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले वह लिखी हुई रचनाएं फाड़ दिया करती थीं, लेकिन दिवंगत नेता सुब्रत मुखर्जी ने उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी थी। इसी तरह प्रसिद्ध कलाकार शुभप्रसन्न भट्टाचार्य ने उन्हें चित्रकारी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया था। उन्होंने बताया कि आज भी वह चित्र बनाती हैं, हालांकि अब कोई प्रदर्शनी आयोजित नहीं करतीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जहां भी सरकारी दौरे पर जाती हैं, वहां कैनवास पर चित्र बनाकर स्थानीय प्रशासन को सौंप देती हैं, जिससे उसका उपयोग किया जा सके।
इस दौरान ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री का वेतन और पूर्व रेल मंत्री के रूप में मिलने वाली पेंशन नहीं लेतीं। उन्होंने बताया कि उनकी आय का एकमात्र स्रोत पुस्तकों से मिलने वाली रॉयल्टी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कई करोड़ रुपये राज्य सरकार को दान के रूप में दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग उन्हें गालियां देते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि वह गालियों को भी सकारात्मक रूप से लेती हैं।
पुस्तक मेले के मंच से मुख्यमंत्री ने सॉल्टलेक स्थित मेला प्रांगण में ‘बईतीर्थ’ निर्माण की घोषणा की। इसके लिए राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि अगले वर्ष कोलकाता पुस्तक मेला अपने 50 वर्ष पूरे करेगा और तब तक मेला परिसर के साथ ‘बईतीर्थ’ को भी तैयार किया जाएगा। उन्होंने पुस्तक मेला आयोजक गिल्ड से इसके लिए औपचारिक प्रस्ताव देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस वर्ष पुस्तक मेले में उनकी लिखी नौ नई पुस्तकों का विमोचन हुआ है। इसके साथ ही अब तक उनकी कुल 162 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इन नई पुस्तकों में से एक पुस्तक विशेष गहन पुनरीक्षण विषय पर आधारित है, जिसमें 26 कविताएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये कविताएं उन्होंने हेलीकॉप्टर से जिलों के दौरे के दौरान लिखी हैं और आज भी वह हाथ से लिखना अधिक सहज मानती हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध लेखक स्वप्नमय चक्रवर्ती को गिल्ड और प्रकाशन संस्थाओं की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया। इसके बाद उन्होंने 49 बार हथौड़ा बजाकर 49वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने गिल्ड को मेला परिसर को असामाजिक तत्वों से सुरक्षित रखने के लिए बीमा कराने का सुझाव भी दिया।
इस वर्ष कोलकाता पुस्तक मेले का थीम देश अर्जेंटीना है। अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कोसिनो उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे, जिनका मुख्यमंत्री ने आभार जताया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार पुस्तक मेले में बांग्लादेश और अमेरिका शामिल नहीं हुए, लेकिन चीन की भागीदारी रही। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जिस वर्ष पुस्तक मेले में आग लगी थी, उस समय वह सत्ता में नहीं थीं, इसके बावजूद वह मेले में उपस्थित हुई थीं।
