
जामुड़िया। जामुड़िया में खराब सड़कों और अवैध बालू लदे डंपरों का आतंक अब आम जनता के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। शनिवार को जामुड़िया थाना क्षेत्र के केंदा पुलिस फाड़ी इलाके के बहादुरपुर पेट्रोल पंप के पास हुआ हादसा इसी प्रशासनिक लापरवाही का ताजा उदाहरण है। बीते कुछ दिनों में जामुड़िया के विभिन्न इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। इन सड़क दुर्घटनाओं में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। उग्र जनता न सिर्फ विरोध-प्रदर्शन कर रही है। बल्कि तोड़फोड़-आगजनी पर उतारू हो जा रही है। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हो रहा है आये दिन क्षेत्र में सड़क दुर्घटना की संख्या बढ़ती जा रही है.और लोग अपनी जान गवा रहे है। शनिवार को दोपहर भी कुछ इन्हीं वजहों से एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, जामुड़िया थाना के केन्दा फांड़ी अंतर्गत बहादुरपुर पेट्रोल पंप एक बालू लदे डंपर ने एक मिनी बस को पीछे से टक्कर मार दी। मिनी बस हरिपुर से जामुड़िया आ रही थी। इस हादसे में बस के खलासी को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि करीब पांच यात्रियों को मामूली चोट लगी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। डंपर को रोक लिया। खबर पाकर मौके पर केंदा फांड़ी की पुलिस पहुंची। पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए बहादुरपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। घातक डंपर को जब्त करने के साथ ही पुलिस डंपर के चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बस का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। वही स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्यमंत्री की ‘सेफ ड्राइव-सेव लाइफ’ योजना यहाँ केवल कागजों तक सीमित है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अवैध बालू और कोयले का परिवहन बेखौफ जारी है.सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन बदहाल रास्तों पर तेज रफ्तार डंपर काल बनकर दौड़ रहे हैं।लेकिन पुलिस को कभी इसके खिलाफ कार्रवाई करते नहीं देखा गया। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन केवल हादसों के बाद जागेगा या इन अवैध डंपरों की रफ्तार पर कोई स्थायी लगाम लगाई जाएगी?
