
कोलकाता, 15 जनवरी । मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय में हुई तोड़फोड़ की घटना की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी निंदा की है। पार्टी ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन– एसआईआर) प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है।
भाजपा नेताओं की यह प्रतिक्रिया उस घटना के एक दिन बाद आई है, जब तृणमूल कांग्रेस विधायक मोनिरुल इस्लाम के नेतृत्व में एक उग्र भीड़ ने फरक्का बीडीओ कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की। यह विरोध एसआईआर सुनवाई के दौरान मतदाता सूचना प्रपत्रों में मामूली त्रुटियों के नाम पर आम लोगों को बुलाए जाने के खिलाफ किया गया था।
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि फरक्का विधानसभा क्षेत्र में बीडीओ कार्यालय, ईआरओ, एईआरओ और माइक्रो ऑब्जर्वर्स पर हुआ यह हमला बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह हिंसा कथित तौर पर तृणमूल नेताओं के इशारे पर कराई गई। मालवीय ने कहा कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है और इसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर है।
मालवीय ने चुनाव आयोग से इस घटना पर तत्काल संज्ञान लेने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिंसा और डराने-धमकाने की घटनाओं को किसी भी सूरत में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
बुधवार को हुई इस घटना के बाद फरक्का थाने में बीडीओ की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की रोकथाम अधिनियम, 1984 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। तोड़फोड़ के चलते बीडीओ कार्यालय में चल रही एसआईआर सुनवाई को स्थगित करना पड़ा।
घटना के बाद करीब 55 माइक्रो ऑब्जर्वर्स ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखकर सुरक्षा में गंभीर चूक का आरोप लगाया और एसआईआर ड्यूटी से खुद को अलग कर लिया।
इस बीच, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भी राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि फरक्का विधानसभा क्षेत्र में माइक्रो ऑब्जर्वर्स पर हुआ हमला लोकतंत्र पर सीधा हमला है। अधिकारी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया को कमजोर कर मतदाता सूची में हेरफेर करने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्रीय बलों की तैनाती करने और एसआईआर प्रक्रिया को निर्भय एवं निष्पक्ष तरीके से पूरा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में लोकतंत्र को अराजकता से बचाने के लिए चुनाव आयोग को सख्त कदम उठाने चाहिए।
