
थिंपू (भूटान):मीडिया पर्सनैलिटी और जाने – माने सोशल एक्टिविस्ट संजय सिन्हा को भूटान की राजधानी थिंपू में इंटरनेशनल अचीवर्स अवार्ड से नवाजा गया।ज्ञात हो कि इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल के इंटरनेशनल चेयरमैन संजय सिन्हा को इंटरनेशनल अचीवर्स अवार्ड के तहत ‘बेस्ट सोशल एक्टिविस्ट ऑफ द ईयर ‘ के खिताब से विभूषित किया गया।भूटान सरकार के प्रतिष्ठान ग्लोबल विलेज कनेक्शंस और शी साइकिल सॉल्यूशंस की साझेदारी में नामसिलिंग बुटीक होटल में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया।चंद पलों तक तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही।इसके लिए संजय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि , ‘ मैं सभी देशों को एक बड़े प्लेटफॉर्म पर लाना चाहता हूं,ताकि विश्व का कल्याण हो सके।युवाओं और आम लोगों को जगाना होगा और उन्हें उनके अधिकाओं की जानकारी देनी होगी। ‘
समारोह के एंकर और आयोजक आमोल रंगनाथ भगत ने बताया कि संजय सिन्हा एक मीडिया पर्सनैलिटी होने के साथ ही एक अच्छे सोशल एक्टिविस्ट भी हैं।पिछले 15 वर्षों से वह वंचित वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं।वह इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल के इंटरनेशनल चेयरमैन और इंटरनेशनल मीडिया फोरम के भी चेयरमैन हैं।ज्ञात हो कि छोटी उम्र से ही संजय में जरूरतमंदों के मदद की भावना विद्यमान है।एक मामूली परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद भी उन्होंने अपने स्तर से समाज के लिए तहे दिल से काम किया।स्ट्रीट चाइल्ड और स्लम एरिया की महिलाओं – बुजुर्गों को नियमित रूप से जागरूक करते हुए उनके लिए मदद का हाथ बढ़ाया।आज की तारीख में उनकी संस्था इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल से विश्व भर के लगभग 19 हजार सदस्य जुड़े हुए हैं,जो समाज सेवा के साथ ही आम लोगों को ह्यूमन राइट्स के प्रति जागरूक कर रहे हैं।भारत के अलावा नेपाल,भूटान,मालदीव्स,मॉरिशस सहित अन्य देशों में भी संस्था की शाखाएं हैं।गौरतलब है कि संजय सिन्हा ने दिल्ली के एक यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन करने के बाद पत्रकारिता में सक्रिय हुए और सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।3 अगस्त को भूटान के थिंपू में आयोजित समारोह में उन्होंने मुख्य अतिथि की भी भूमिका निभाई।गौरतलब है कि संजय सिन्हा एक संवेदनशील अभिनेता भी हैं और उन्होंने कई फिल्मों में भावप्रवण अभिनय भी किया है।अब वह ज्यादा वक्त समाज सेवा को दे रहे हैं।उन्हें इससे पहले नेपाल,दिल्ली,चंडीगढ़,कोलकाता सहित अन्य स्थानों पर कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के सम्मान प्राप्त हो चुके हैं,लेकिन उनकी सादगी आज भी कायम है।
