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आयुर्वेदिक डिग्री लेकर एलोपैथिक दवाएं लिखने वाले डॉक्टर का पर्दाफाश - Kolkata Saransh News

आयुर्वेदिक डिग्री लेकर एलोपैथिक दवाएं लिखने वाले डॉक्टर का पर्दाफाश

 

हुगली, 04 मार्च । पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में मंगलवार को एक ऐसे डॉक्टर का पर्दाफाश हुआ है जिसके पास आयुर्वेदिक डिग्री थी, लेकिन वह अपने प्रिस्क्रिप्शन पर खुद की डिग्री एमडी लिखकर मरीजों को अंग्रेजी दवाएं देता था। यह करनामा डॉक्टर पिछले 22 वर्षों से लगातार कर रहा था। हुगली जिले के पांडुआ, रिषड़ा सहित कई स्थानों पर इस कथित डॉक्टर का चैंबर था। आरोपित कई अस्पतालों में भी कार्यरत रह चुका है। खुद एमडी बताकर यह डॉक्टर मरीजों से मोटी फीस वसूलता था। आरोपित डॉक्टर का नाम निताई सेनापति है।
दरअसल 22 वर्षों से आरोपित कालना मोड़ इलाके में एक दवा की दुकान के एक कक्ष में बैठकर मरीजों को देखता था। खुद को एमडी बताते हुए एलोपैथिक दवाइयां लिखते थे और प्रति मरीज 400 शुल्क लेते थे। उनकी लिखी पर्चियों में कुछ पर उनका रजिस्ट्रेशन नंबर था और कुछ पर नहीं। इस संदर्भ में आरोपित के खिलाफ खिलाफ पांडुआ ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी शेख मंजूर आलम के पास कई शिकायतें आईं। सोमवार को पांडुआ के बीएमओएच, पंचायत समिति अध्यक्ष और स्वास्थ्य अधिकारी उनके चैंबर पहुंचे और कागजात प्रस्तुत करने को कहा। जांच में पाया गया कि निताई सेनापति एक आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं, लेकिन वे नियमित रूप से एलोपैथिक दवाइयां लिख रहे थे, जो अवैध है। इसके बाद उन्हें एक बांड भरने को कहा गया, जिसमें उन्होंने अब एलोपैथिक उपचार न देने की बात स्वीकारी।
स्वास्थ्य अधिकारी निशापति रक्षित ने कहा कि निताई एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं, जो प्रति विजिट 400 रुपये लेते थे और रुपये 150 की दवाइयां देते थे। उनका एलोपैथिक उपचार देना गैरकानूनी था, और इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करने पर विचार किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने कई लोगों को धोखा दिया है।
निताई सेनापति ने सफाई में कहा कि उन्होंने अपने सभी कागजात दिखाए और वे आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं। उनका दावा है कि आयुर्वेदिक काउंसिल के निर्देशानुसार वे 67 एलोपैथिक दवाइयां लिख सकते हैं। हालांकि, यह दावा संदिग्ध है, क्योंकि आयुर्वेदिक चिकित्सकों को आम तौर पर एलोपैथिक प्रैक्टिस की अनुमति नहीं होती।
यह मामला स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के लिए एक गंभीर मुद्दा बन गया है, और आगे की कार्रवाई की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

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