कोलकाता, 12 दिसंबर । लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने राज्य में अल्पसंख्यकों और विधवाओं को दिए जाने वाले भत्ता के लिए फंड का आवंटन रोक दिया है। मंगलवार को उत्तरकन्या में उन्होंने एक प्रशासनिक कार्यक्रम में यह दावा किया। इसके पहले बनर्जी ने दावा किया था कि 2024 में नरेन्द्र मोदी सरकार बनने पर फ्री राशन वितरण बंद कर दिया जाएगा।
मंगलवार को बंगाल में सिलीगुड़ी के कंचनजंगा स्टेडिम में एक सार्वजनिक वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया ‘केंद्र ने अल्पसंख्यकों एवं विधवाओं से संबंधित योजनाओं समेत राज्य की परियोजनाओं के वास्ते धन देना बंद कर दिया है।’ मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर जीएसटी संग्रहण में राज्य का हिस्सा रोकने का भी आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘पहले राज्य की कमाई बिक्री कर के तरीके से होती थी। लेकिन अब पूरी कर राशि जीएसटी के नाम पर केंद्र के पास चली जाती है। पश्चिम बंगाल को अब तक उसका हिस्सा नहीं मिला है।’
इसके पहले रविवार को अलीपुरद्वार में एक जनसभा में बनर्जी ने कहा था कि भाजपा नीत राजग सरकार को पश्चिम बंगाल का बकाया जारी करना चाहिए या सत्ता छोड़ देनी चाहिए।
राज्य के भाजपा नेतृत्व का कहना है कि मनरेगा के तहत पश्चिम बंगाल को धनराशि जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी गई है क्योंकि पहले दी गई वित्तीय सहायता का लेखा-जोखा पेश करने में राज्य सरकार विफल रही है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 20 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ममता बनर्जी की मुलाकात होनी है। इसके लिए पीएमओ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को समय दिया है। ममता ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह प्रधानमंत्री से बंगाल के बकाए के बारे में बात करेंगी।
