कोलकाता, 18 मार्च । कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक के बाद एक शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों की नौकरियां रद्द करने के फैसले दिए। राज्य मंत्री श्रीकांत माहातो के भाई ग्रुप सी या तृतीय श्रेणी कर्मचारी के रूप में काम करते थे। जस्टिस अभिजीत गांगुली के आदेश पर ग्रुप सी के जिन 842 कर्मचारियों की नौकरी रद्द की गई है, उनमें एक मंत्री का भाई है। वहीं शनिवार को श्रीकांत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मंत्री ने एसएससी पर सवाल उठाते हुए ओएमआर सीटों की फॉरेंसिक जांच की भी मांग की।
शनिवार को मेदिनीपुर शहर स्थित तृणमूल कार्यालय में पत्रकार वार्ता में मंत्री श्रीकांत ने कहा कि उनके भाई एसएससी की त्रुटियों का शिकार हुए है। पांच साल से काम कर रहा है। एसएससी उस समय सूची प्रकाशित कर सकता था, लेकिन उन्होंने यह सब गुप्त रखा। भाई को ”क्वालिफाई” किया, फिर इंटरव्यू के लिए बुलाया और कंप्यूटर टेस्ट भी लिया। अंत में नौकरी भी मिल गई। अब पांच साल बाद वे कह रहे हैं कि आपके नंबर गलत है। यह अन्याय नहीं तो और क्या है।
उल्लेखनीय है कि स्कूलों में ग्रुप सी पदों के मामले में ओएमआर सीट फर्जीवाड़े के चलते राज्य में 842 लोगों की नौकरियां रद्द हो चुकी हैं। एसएससी ने हाईकोर्ट के आदेश पर उस पद को भरने का नोटिस भी दिया है। हालांकि बर्खास्त किए गए कर्मियों में मंत्री श्रीकांत के भाई खोकोन माहातो भी शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि एसएससी की गलतियों का शिकार मासूम लोग हो रहे हैं। पांच साल की सेवा के बाद सूची क्यों प्रकाशित की गई? एसएससी ने नौकरी अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त अंकों को पहले प्रकाशित क्यों नहीं किया? उन्होंने राज्य के पूर्व मंत्री परेश अधिकारी की बेटी अंकिता का उदाहरण देते हुए हाल के कई अदालती फैसलों पर भी टिप्पणी की। मंत्री ने कहा कि हम उत्तर पुस्तिका को सत्यापित करने के लिए उच्च न्यायालय में मामला दायर करेंगे।
श्रीकांत ने यह भी कहा कि दो चरणों में 842 लोगों को नौकरी से निकाला गया। जारी किये गये ओएमआर सीट भी यह दर्शाता है कि कुछ नाम रिक्त हैं। यह कैसी लिस्ट जारी की गई है? किसी को नौकरी मिलेगी या उसकी नौकरी चली जाएगी, यह अब निर्णय के अधीन है।

