हाईकोर्ट ने बदला शिक्षक तबादले से संबंधित नियम : स्वास्थ्य के आधार पर निश्चित तौर पर तबादला किया जाना चाहिए

 

कोलकाता । कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य में शिक्षकों के तबादले से संबंधित नियम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अभी तक इस तरह का नियम था कि नियुक्ति के पांच साल के अंदर कैसी भी परिस्थिति हो लेकिन तबादला नहीं होता था। सोमवार को न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने हमीदा खातून वर्सेस स्टेट गवर्नमेंट के एक मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है कि अगर नवनियुक्त शिक्षक की सेहत सही नहीं हो तो उसे स्वास्थ्य के आधार पर निश्चित तौर पर तबादला किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि तबादले की प्रक्रिया छह सप्ताह के भीतर पूरी हो जानी चाहिए। बर्दवान के आयुष ग्राम में हातकिरीनगर विद्यालय की होम साइंस की टीचर हमीदा खातून ने इस संबंध में याचिका लगाई थी। 2019 में उन्हें शिक्षक की नौकरी मिली थी। स्त्री रोग संबंधित समस्या की वजह से उन्होंने तबादले के लिए आवेदन किया था लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि पांच साल से पहले तबादला नहीं होगा। दक्षिण 24 परगना के मोगराहाट में उनका घर है और पढ़ाने के लिए करीब 400 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। तबादले संबंधी नियमों को चुनौती देते हुए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी जिस पर सोमवार को न्यायमूर्ति ने स्पष्ट कर दिया कि सेहत अगर ठीक नहीं हो तो निश्चित तौर पर तबादला किया जाना चाहिए।

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