
महासप्तमी की शाम हादसे से मचा हड़कंप, मलबे में दबे मजदूरों की तलाश में जुटी बचाव टीम, विधायक बिजन मुखर्जी पहुंचे घटनास्थल
जामुड़िया। दुर्गापूजा की महासप्तमी की शाम जब पूरा इलाका उत्सव के उल्लास में डूबा था, उसी दौरान जामुड़िया के इकड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक भीषण हादसे ने पुरे इलाके मे सनसनी फैला दी। श्याम सेल कारखाने के तीसरे गेट के पास विजयनगर के सार्थकपुर श्मशान घाट से सटे इलाके में निर्माणाधीन चिमनी का एक हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत होने की आशंका जताई गई है, जबकि एक अन्य मजदूर के मलबे में दबे होने की खबर है। एक मजदूर को गंभीर रूप से घायल अवस्था में निकालकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, मृतकों की संख्या और मलबे में फंसे मजदूरों की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होने तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्याम सेल कारखाने के तीसरे गेट के निकट निर्माणाधीन चिमनी का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक चिमनी की दीवार का एक हिस्सा ढह गया। देखते ही देखते निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही कारखाना प्रबंधन, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय निर्माण स्थल पर चार मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से तीन मजदूरों को अचेत अवस्था में बाहर निकाले जाने की सूचना मिली। उनकी मौत होने की आशंका जताई गई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। वहीं, एक अन्य मजदूर के मलबे के नीचे दबे होने की बात सामने आई। इसके अलावा, एक मजदूर को गंभीर रूप से घायल अवस्था में निकालकर निजी अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी मिली। मलबे के भीतर अन्य किसी मजदूर के फंसे होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा था। ऐसे में बचाव दल मलबे को हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश में जुटा रहा। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य में विशेष सतर्कता बरती जा रही थी।हादसे की खबर मिलते ही जामुड़िया के विधायक बिजन मुखर्जी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां चल रहे राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया तथा घायलों को जल्द से जल्द बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सक्रिय रहा। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटने और तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ द्रुत कार्रवाई बल (कॉम्बैट फोर्स) को तैनात किया गया। पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य को गति देने के प्रयास किए गए। दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल के बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक प्रतिष्ठानों में निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माणाधीन चिमनी का हिस्सा किन परिस्थितियों में ढहा, निर्माण कार्य में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं तथा हादसे के लिए कोई तकनीकी खामी जिम्मेदार थी या नहीं, इन सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।फिलहाल, हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। वहीं, मलबे में फंसे मजदूर की तलाश और हादसे में हताहत लोगों की स्थिति को लेकर घटनास्थल पर सभी की निगाहें टिकी हुई थीं।
