प्रभु भक्ति फूल की खुशबू की तरह है जिसे छुआ नहीं जा सकता — स्वामी त्रिभुवनपुरी

हावड़ा । भागवताचार्य त्रिभुवनपुरी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ में श्रीकृष्ण बाल लीला एवं विविध प्रसंग श्रवण कर, भक्तिमय वातावरण में नन्द के आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की तथा भजनों की अमृत वर्षा से श्रद्धालु भक्त भाव-विभोर हो गये । भागवताचार्य स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने माखन चोरी, गोपियों की माता यशोदा से शिकायत एवं माता यशोदा के वात्सल्य पर श्रोताओं को भाव विभोर करते हुए कहा श्रीकृष्ण लीला आत्मा और परमात्मा के मिलन की अद्भुत लीला है, जिसमे गोपियाँ आत्मरूप में श्रीकृष्ण रूपी परमात्मा को प्राप्त करती है । उन्होंने कहा प्रभु भक्ति फूल की खुशबू की तरह है जिसे छुआ नहीं जा सकता, महसूस किया जा सकता है । समाजसेवी दिलीप कानोड़िया, ललित गुप्ता, अनूप तोदी, धीरेन अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, संदीप पोद्दार, उमाशंकर ओझा, विजय सिंह, अनिल जालान, राजेश डालमिया, राजेन्द्र खरकिया एवं श्रद्धालु भक्तों ने व्यास पीठ का पूजन किया ।

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