
वैदिक ऋचाओं और भक्तिरस में डूबा माखला
उत्तरपाड़ा: माखला के दलईपारा स्थित श्री श्री विश्वेश्वर नाथ मंदिर के पावन प्रांगण में देवाधिदेव महादेव के महारुद्राभिषेक का अलौकिक एवं भव्य आयोजन श्रद्धा और आस्था के अत्यंत उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रात:काल से ही मंदिर परिसर वेदपाठी विप्रों के सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा। दूध, दही, मधु, घृत, शर्करा, गंगाजल एवं सुगंधित द्रव्यों की अनवरत धाराओं से आशुतोष भगवान शिव का अभिषेक कर उन्हें बेलपत्र, धतूरा, मदार और भस्म से नयनाभिराम रूप में सुसज्जित किया गया।
इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में भगवान आशुतोष के दिव्य स्वरूप का दर्शन और पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। वातावरण उस समय और भी भावविभोर हो उठा जब मातृशक्ति और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने एक स्वर में देवाधिदेव की आरती गाई। आयोजन में विशेष रूप से आशा सिंह, नीलम सिंह, रीमा सिंह, शीला सिंह, स्नेह सिंह, कंचन सिंह, उदय भान सिंह, राधेश्याम सिंह, अनिल सिंह, बृज किशोर पांडेय, श्रीप्रकाश सिंह, दिलीप मिश्रा, अजय सिंह, चंद्रिका सिंह, झुन्ना राय, रमेश पांडेय, कमलेश सिंह, कामाख्या सिंह, शैलेंद्र सिंह, विनय सिंह, आदित्य त्रिपाठी, नंदलाल मिश्रा, रंगबहादुर सिंह, नवीन पाठक, सुशील सिंह, अजीत दास, तारकेश्वर सिंह, तहसीलदार सिंह, अशोक सिंह, नीरज ओझा, सुजीत सिंह एवं नरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
रुद्राभिषेक और महाआरती के पूर्ण होते ही पूरा परिसर शिवमय ऊर्जा से आलोकित हो उठा। अनुष्ठान के उपरांत व्यापक स्तर पर महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण करने हेतु भक्तों का तांता लगा रहा। देर शाम तक चले इस पावन धार्मिक उत्सव ने समूचे क्षेत्र को आध्यात्मिक शांति और भक्ति की अविरल धारा में सराबोर कर दिया।
