जामुड़िया:सिंगरन नदी का स्वरूप बदलने का आरोप, जांच की मांग के बीच आंदोलन की चेतावनी

जामुड़िया। ईसीएल के कुनुस्तोड़िया क्षेत्र अंतर्गत परासिया कोलियरी स्थित परासिया शांति कोठी के समीप संचालित एमडीओ (माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर) परियोजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप लगाया है कि परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों से सिंगरन नदी के प्राकृतिक स्वरूप एवं प्रवाह में बदलाव किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और समाचार लिखे जाने तक ईसीएल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। स्थानीय लोगों एवं सामाजिक संगठन के सदस्यों ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वही संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि एमडीओ परियोजना के तहत कई जेसीबी मशीनों की मदद से नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बदला जा रहा है तथा नदी के ऊपर से रास्ता बनाकर उसका उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो नदी के अस्तित्व पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। आगे उन्होंने ने कहा कि सिंगरन नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्र के आदिवासी समाज की आस्था और जीवन से जुड़ी हुई है। इसलिए नदी के संरक्षण के लिए व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग भी की। वहीं, पश्चिम बंग बाउरी समाज शिक्षा समिति ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईसीएल प्रबंधन के खिलाफ वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति के जामुड़िया विधानसभा संयोजक आकाश बाउरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यदि नदी के साथ कथित छेड़छाड़ नहीं रोकी गई तो जनभागीदारी के साथ आंदोलन शुरू किया जाएगा। वही समाचार लिखे जाने तक ईसीएल, संबंधित एमडीओ कंपनी अथवा जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ऐसे में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *