मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पीड़ित परिवार से की मुलाकात, जांच की प्रगति की समीक्षा

कोलकाता, 07 जुलाई । बारुईपुर में किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को बारुईपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और मामले की जांच की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजी) सिद्धनाथ गुप्ता भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की। हालांकि पीड़ित परिवार के साथ उनकी बातचीत का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। बताया गया कि बैठक में जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा हुई।

बारुईपुर में रविवार को एक किशोरी का शव स्थानीय तालाब से बरामद होने के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया था। पुलिस ने इस मामले में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के आरोप में आनंद सरदार, प्रभास मंडल और दिवाकर सरदार को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद हुई हिंसा के दौरान भीड़ की पिटाई में एक युवक की भी मौत हो गई थी।

मुख्यमंत्री इससे पहले भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार से फोन पर बातचीत की थी और सोमवार को कहा था कि परिवार की सभी उचित मांगों को पूरा किया जाएगा। इसी क्रम में मंगलवार दोपहर वह सीधे राज्य सचिवालय नवान्न से बारुईपुर पहुंचे।

इससे पहले मंगलवार सुबह राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल और भाजपा नेत्री लॉकेट चटर्जी ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। बाद में विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में विधायक शिउली साहा और पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य भी क्षेत्र पहुंचे। वहीं, एनडीए समर्थक तृणमूल के बागी सांसद सायोनी घोष और काकली घोष दस्तिदार ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उनके पहुंचने पर स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित किया।

एसपी कार्यालय में हुई बैठक के बाद सोनारपुर दक्षिण की विधायक रूपा गांगुली ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से घटना की पूरी जानकारी ली है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए और सभी आरोपितों को ऐसी कठोर सजा दिलाई जाए, जो भविष्य में इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने का संदेश दे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *