
कोलकाता। अस्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन ने पश्चिम बंगाल में मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने की घोषणा की है। पहले गुवाहाटी, तिनसुकिया और सिलीगुड़ी में गतिविधियाँ चलाने के बाद फाउंडेशन अब कोलकाता में भी 10वीं से 12वीं तक के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आर्थिक व नैत्मिक प्रोत्साहन देगा। संस्था का उद्देश्य ब्राह्मण समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सहयोग देकर उनके उज्जवल भविष्य का निर्माण करना है।
फाउंडेशन की ओर से यह भी निर्णय लिया गया है कि “अष्टलक्ष्मी वैभव रजत कलश” सम्मान रविवार, 12 जुलाई को हावड़ा के शिवपुर स्थित मंगलम माहेश्वरी भवन में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए राकेश पारीक, कमल किशोर पारीक, पामुल जोशी, केके शर्मा और सुनील शर्मा ने शिक्षा के इस अभियान में भागीदारी और मेधावी बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए सहयोग की अपील की।
राष्ट्रीय संयोजक चंद्रप्रकाश मंगलहारा शर्मा ने घोषणा की कि पूरे पूर्वांचल में परोपकारी के रूप में प्रसिद्ध दानवीर रतन शर्मा को अस्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन का संरक्षक नियुक्त किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रतन शर्मा के मार्गदर्शन में संस्था और व्यापक सेवा कार्य करेगी। शर्मा ने नव-निर्वाचित बंगाल सरकार का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा भी की।
चंद्रप्रकाश मंगलहारा ने बताया कि फाउंडेशन गंगासागर में योजनाएं लेकर आ रहा है ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। साथ ही उन्होंने गो-सम्भरण और गोकुल संवर्धन के कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि संस्था बंगाल क्षेत्र को “परशुराम सर्किट” और “सप्त ऋषि सर्किट” बनाकर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को संगठित करना चाहती है।
सुनील शर्मा ने संस्था के मूल उद्देश्य के रूप में सेवा, शिक्षा और संस्कार को बताया। पश्चिम बंगाल संयोजक राकेश पारीक ने कहा कि फाउंडेशन का लक्ष्य पूरे ब्राह्मण समाज को एक छत के नीचे लाना और समाज के सामर्थ्य को बढ़ाना है।
समारोह तथा छात्रवृत्ति वितरण से जुड़ी अधिक जानकारी व आवेदन प्रक्रिया के विवरण जल्द ही फाउंडेशन द्वारा जारी किए जाने की संभावना है।
