
रानीगंज । रानीगंज के वार्ड संख्या-34 के रामबगान इलाके में तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं पर लंबे समय से स्थानीय लोगों को कथित रूप से प्रताड़ित करने और राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने पंजाबी मोड़ पुलिस फांड़ी के समक्ष विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने स्थानीय लोगों के साथ पुलिस अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपते हुए आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं का आरोप है कि रानीगंज बोरो-2 के अंतर्गत आने वाले वार्ड संख्या-34 में पिछले लगभग 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस के कुछ प्रभावशाली नेता आम लोगों पर मानसिक, सामाजिक एवं राजनीतिक दबाव बनाकर उन्हें प्रताड़ित करते आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजनीतिक प्रभाव के बल पर स्थानीय निवासियों को विभिन्न प्रकार से परेशान किया गया, जिससे लोगों में लंबे समय से असंतोष व्याप्त है। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने पंजाबी मोड़ पुलिस फांड़ी के अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस मामले में पहले भी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक आरोपितों के खिलाफ कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इसी कारण क्षेत्र के लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। भाजपा नेतृत्व ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर पुलिस आरोपितों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं करती है, तो पार्टी स्थानीय लोगों को साथ लेकर बड़े स्तर पर जनआंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर विहिप के आसनसोल जिला सचिव तेज प्रताप ने कहा कि रामबागान में लंबे समय से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लोगों को डराने-धमकाने और दबाव बनाने का प्रयास किया जाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने कुछ आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है तथा शेष आरोपितों को भी जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून का शासन स्थापित होना चाहिए और किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ज्ञापन सौंपने पहुंचे अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से स्थानीय लोगों को रंगदारी, धमकी और मारपीट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। उनका आरोप है कि नया मकान बनाने, आपसी विवाद या अन्य मामलों में कुछ लोग राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों पर दबाव बनाते थे। उन्होंने ऐसे सभी आरोपितों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग वहीं, पंजाबी मोड़ पुलिस फांड़ी के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त कर मामले की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया। पुलिस का कहना है कि प्राप्त शिकायत के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद रानीगंज की राजनीतिक गतिविधियां एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं। अब स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस शिकायत की जांच के बाद क्या कार्रवाई करती है। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
