आसनसोल के बागबंदी स्थित एक निजी फैक्ट्री में करंट लगने से श्रमिक की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और श्रमिकों का प्रदर्शन

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर शुरू की जांच

आसनसोल। आसनसोल के बागबंदी-कालीपहाड़ी स्थित जीडीडीएस कश्यप प्राइवेट लिमिटेड नामक एक निजी फैक्ट्री में आज हुए एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से एक श्रमिक की मौत हो गई। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर के बाहर परिजनों, सहकर्मी श्रमिकों और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई तथा फैक्ट्री में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर घंटों तक विरोध-प्रदर्शन किया गया। मृतक की पहचान 37 वर्षीय मन्ना साव के रूप में हुई है, जो बागबंदी-कालीपहाड़ी क्षेत्र के निवासी थे और लंबे समय से उक्त फैक्ट्री में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार सोमवार को क्षेत्र में हुई बारिश के बाद फैक्ट्री के स्टील फर्नीचर निर्माण विभाग में काम के दौरान अचानक बिजली का करंट प्रवाहित हो गया। इसी दौरान मन्ना साव और एक अन्य श्रमिक उसकी चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तेज था कि मन्ना साव गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा श्रमिक किसी तरह सुरक्षित बच निकला। घटना की खबर फैलते ही फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में श्रमिक और स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने मृतक के शव को फैक्ट्री के मुख्य द्वार के सामने रखकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। उन्होंने मृतक के परिवार को तत्काल पर्याप्त आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को रोजगार तथा घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। सूचना मिलते ही आसनसोल साउथ थाना की पुलिस भारी संख्या में मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना आवश्यक है। फिलहाल इस हादसे और सुरक्षा में कथित लापरवाही के आरोपों को लेकर जीडीडीएस कश्यप प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

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