भक्ति की शक्ति का अनूठा उदाहरण: 10 वर्षों से देशभर के तीर्थस्थलों की पदयात्रा कर रहीं कृपा नंदिनी पहुंचीं रानीगंज

रानीगंज। कहा जाता है कि “भक्ति में ही शक्ति होती है” और सच्ची आस्था के बल पर मनुष्य असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों को भी संभव बना सकता है। इसी कहावत को चरितार्थ कर रही हैं मध्य प्रदेश के रीवा जिले की रहने वाली कृपा नंदिनी, जिन्होंने पिछले दस वर्षों से देश के विभिन्न धार्मिक एवं तीर्थस्थलों की पदयात्रा को ही अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया है। इसी क्रम में रविवार को वह रानीगंज स्थित श्री श्याम मंदिर पहुंचीं, जहां श्याम मंदिर कमेटी के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर कृपा नंदिनी ने बताया कि उन्होंने लगभग दस वर्ष पूर्व आध्यात्मिक साधना और ईश्वर भक्ति के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया था। तभी से वह देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की पैदल यात्रा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य जीवनभर इसी प्रकार पदयात्रा करते हुए भारत की आध्यात्मिक और धार्मिक परंपरा को आत्मसात करना तथा लोगों में भक्ति और सेवा का संदेश फैलाना है।
उन्होंने बताया कि उनका परिवार मध्य प्रदेश के रीवा में रहता है। परिवार में उनके पति तथा दो पुत्र हैं और दोनों पुत्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उनका मन सदैव अध्यात्म और ईश्वर भक्ति की ओर आकर्षित रहा, जिसके कारण उन्होंने स्वयं को पदयात्रा और धार्मिक साधना के लिए समर्पित कर दिया। कृपा नंदिनी ने बताया कि अब तक वह देश के सभी बारह ज्योतिर्लिंगों की पदयात्रा पूरी कर चुकी हैं। रानीगंज से आगे उनकी अगली यात्रा भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी (जगन्नाथ धाम) की ओर होगी, जहां वह पैदल पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगी। श्याम मंदिर में उनके स्वागत के लिए पहुंचे समाजसेवी एवं श्रद्धालु दिनेश सोनी ने कहा कि कृपा नंदिनी की यह आध्यात्मिक यात्रा सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे जीवन में भी यदि कोई व्यक्ति दस वर्षों तक निरंतर पदयात्रा करते हुए देश के धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रहा है, तो यह उसकी अटूट आस्था, दृढ़ संकल्प और ईश्वर के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कृपा नंदिनी यह संदेश दे रही हैं कि भारत की आध्यात्मिक संस्कृति आज भी जीवंत है और भक्ति की शक्ति से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह एक श्रद्धालु के रूप में कृपा नंदिनी का उत्साहवर्धन करने और उनके इस महान उद्देश्य में अपना सहयोग देने के लिए श्याम मंदिर पहुंचे हैं। श्याम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने कृपा नंदिनी के उज्ज्वल एवं सफल धार्मिक अभियान की कामना करते हुए उनका सम्मान किया और उनकी आगामी जगन्नाथ धाम पदयात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

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