
कोलकाता, 17 जून। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने स्पष्ट किया है कि जनकल्याण शिविर बुधवार को समाप्त होने के बाद भी आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाओं के आवेदन फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। निगम के इस ऐलान से उन हजारों लोगों को राहत मिली है, जो शिविरों में लंबी कतारों के कारण समय पर आवेदन जमा नहीं कर पा रहे थे।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, जनकल्याण शिविर समाप्त होने के बाद भी आवेदक संबंधित बोरो कार्यालयों में जाकर अपने आवेदन पत्र जमा कर सकेंगे। अधिकारियों ने लोगों से किसी प्रकार की घबराहट न करने की अपील करते हुए कहा कि आवेदन प्रक्रिया बंद नहीं की जा रही है।
आयुष्मान भारत योजना में नामांकन को लेकर फैली भ्रम की स्थिति के बीच निगम ने पात्रता संबंधी नियम भी स्पष्ट किए हैं। निगम सूत्रों के मुताबिक, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी निवासियों को बिना किसी अतिरिक्त पात्रता जांच के योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा। वहीं, 70 वर्ष से कम आयु के आवेदकों के लिए निर्धारित पात्रता मानदंड लागू रहेंगे।
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से हजारों लोग आवेदन जमा करने के लिए शिविरों में पहुंच रहे हैं। हालांकि, जो लोग अभी फॉर्म जमा नहीं कर पा रहे हैं, वे बाद में अपने क्षेत्र के बोरो कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकेंगे।
सोमवार से शुरू हुआ तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर बुधवार को समाप्त हो रहा है, लेकिन इसके बाद भी आवेदन स्वीकार करने की व्यवस्था जारी रहेगी। इस बीच स्वास्थ्य साथी योजना के लाभार्थियों के बीच भी भ्रम की स्थिति देखी जा रही है। कई लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें नया फॉर्म भरना होगा या सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि पहले ही 6 करोड़ से अधिक पूर्व-भरे हुए फॉर्म तैयार किए जा चुके हैं। आशा कर्मी घर-घर जाकर पहचान पत्रों का सत्यापन करेंगे और आवश्यक जानकारी का मिलान करेंगे। आधार संख्या की जांच के आधार पर यह तय किया जा रहा है कि किसे नया फॉर्म भरना होगा और किसे नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य साथी एक सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जबकि आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों का पालन करना आवश्यक है। इसी कारण आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया अपेक्षाकृत अधिक विस्तृत है।
गौरतलब है कि, कोलकाता के लगभग सभी जनकल्याण शिविरों में पिछले कई दिनों से फॉर्म लेने और जमा करने के लिए लंबी कतारें देखी जा रही थीं। नगर निगम की इस घोषणा के बाद आवेदकों पर दबाव कम होने और प्रक्रिया को लेकर फैली चिंता दूर होने की उम्मीद है।
