
डामरा आवास आवंटन में अनियमितताओं पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, निगम कर्मी समेत कई आरोपी गिरफ्तार
आसनसोल। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की सरकारी योजना में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद आसनसोल नगर निगम के डामरा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। बीपीएल आवासों के आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जीवाड़े के आरोपों के बीच पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए नगर निगम के कर्मचारी प्रमोद यादव सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि आवास आवंटन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर वास्तविक लाभार्थियों को वंचित रखा गया और उनकी जगह आर्थिक लाभ लेकर अपात्र व्यक्तियों को मकान आवंटित कर दिए गए। इससे गरीब परिवारों के अधिकारों का हनन हुआ है और स्थानीय स्तर पर व्यापक असंतोष पैदा हुआ है।
मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है। भाजपा ने प्रेस वार्ता कर नगर निगम प्रशासन और सत्तारूढ़ दल पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि आवास योजना में हुए कथित भ्रष्टाचार ने गरीबों के सपनों पर पानी फेर दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला सुनियोजित तरीके से किए गए फर्जीवाड़े का प्रतीत हो रहा है। आवास आवंटन से जुड़े दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
गिरफ्तार सभी आरोपियों को शनिवार को आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ेगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी स्तर पर राहत नहीं दी जाएगी।
