कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने किया ईसीएल का दौरा, उत्पादन से लेकर पर्यावरणीय उत्तरदायित्व तक की हुई व्यापक समीक्षा

ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में ईसीएल की भूमिका महत्वपूर्ण : सतीश चंद्र दुबे

आसनसोल। भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री ने 13 मई 2026 को (ईसीएल) का महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी की परिचालन उपलब्धियों, उत्पादन क्षमता, सुरक्षा मानकों, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व तथा भविष्य की विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उनके आगमन पर ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक ने निदेशक मंडल एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।दौरे के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में कोयला उत्पादन, कोयला प्रेषण, खान सुरक्षा, परिचालन दक्षता तथा सतत विकास संबंधी विभिन्न परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने कंपनी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में ईसीएल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में कोयला क्षेत्र की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। कार्यक्रम के अंतर्गत मंत्री ने ईसीएल के कुनुस्तोरिया क्षेत्र का भी दौरा किया। यहां उनके सम्मान में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस अवसर पर निदेशक (वित्त) , निदेशक (कार्मिक) , निदेशक (तकनीकी) , महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा बैठक के दौरान श्री दुबे ने कोयला उत्पादन एवं पर्यावरणीय संतुलन के बीच सामंजस्य बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने आधुनिक, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन पद्धतियों को अपनाने के लिए अधिकारियों को प्रोत्साहित किया। साथ ही तकनीकी उन्नयन, संसाधनों के कुशल उपयोग तथा सुरक्षा मानकों में निरंतर सुधार को समय की आवश्यकता बताया।मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न परिचालन एवं बाहरी चुनौतियों के बावजूद ईसीएल के सराहनीय प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से अंडरग्राउंड कोल गैसीफिकेशन, वैज्ञानिक माइंस क्लोजर गतिविधियों, फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) परियोजनाओं तथा सौर ऊर्जा संयंत्रों के विस्तार जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायक होंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। श्री दुबे ने घोषित कोयला भंडार की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर व्यवस्थित स्टॉक सत्यापन प्रक्रिया अपनाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता एवं संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन से कंपनी की कार्यक्षमता और अधिक मजबूत होगी।पश्चिम एशिया में जारी युद्ध एवं वैश्विक ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईसीएल आने वाले समय में सभी परिचालन एवं विकासात्मक मानकों पर नई उपलब्धियां हासिल करेगा और देश की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कोयला मंत्रालय से संबंधित विभिन्न विकासात्मक एवं प्रशासनिक मामलों को एक समेकित एवं सुव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया जाए, ताकि केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई शीघ्रता से की जा सके। दौरे के अंत में मंत्री ने ईसीएल को की सबसे पुरानी एवं प्रमुख सहायक कंपनियों में से एक बताते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य पर विश्वास व्यक्त किया तथा भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में उसके निरंतर योगदान की सराहना की।

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