
विधायक जितेंद्र तिवारी के बयान से गरमाई सियासत, बोले — “अब नगर निगम में भी बदलेगा झंडा”
आसनसोल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब आसनसोल और पश्चिम बर्दवान जिले की राजनीति में तेजी से नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले प्रचंड जनसमर्थन के बाद जिले के कई इलाकों में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। भाजपा नेताओं के आवासों पर समर्थकों, स्थानीय लोगों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं का लगातार पहुंचना अब चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। इसी बीच पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक एवं आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी का एक बयान अब जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस झंडे पर वह विश्वास करते हैं और जिसके लिए राजनीति करते हैं, वही झंडा आने वाले दिनों में आसनसोल नगर निगम में भी दिखाई देगा। उनके इस बयान को नगर निगम में संभावित राजनीतिक बदलाव के बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। गुरुवार को आसनसोल स्थित विधायक जितेंद्र तिवारी के आवास पर सुबह से ही समर्थकों, भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ देखी गई। लोग फूल-माला, मिठाई और गुलदस्ते लेकर पहुंचे और उन्हें ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। पूरे दिन आवास पर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां जारी रहीं। लेकिन सबसे अधिक राजनीतिक चर्चा उस समय शुरू हुई जब आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 19 की तृणमूल कांग्रेस पार्षद ऊषा रजक अपने पति के साथ जितेंद्र तिवारी के आवास पर पहुंचीं। उन्होंने विधायक को चुनावी जीत की शुभकामनाएं दीं और कुछ समय तक बातचीत भी की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या आने वाले दिनों में आसनसोल नगर निगम के भीतर भी राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। कई लोग इसे भाजपा की बढ़ती राजनीतिक पकड़ और विपक्षी खेमे में संभावित हलचल के रूप में देख रहे हैं।मीडिया से बातचीत के दौरान जितेंद्र तिवारी ने कहा कि जब उन्होंने पहले नगर निगम छोड़ा था, तभी उन्होंने संकेत दिया था कि एक दिन वह दोबारा वापसी करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नगर निगम की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा,“नगर निगम में बदलाव निश्चित है। वहां झंडे का परिवर्तन होगा। मेयर कोई भी बने, लेकिन बोर्ड भाजपा का होगा।” उनके इस बयान को भाजपा की नगर निगम पर मजबूत राजनीतिक दावेदारी और संगठनात्मक आत्मविश्वास के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद जिले में राजनीतिक वातावरण तेजी से बदल रहा है। कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न दलों के नेता अब भाजपा नेतृत्व के साथ संपर्क बढ़ाते दिखाई दे रहे हैं। इससे यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में जिले की राजनीति में बड़े बदलाव संभव हैं। जानकारों का मानना है कि यदि नगर निगम के भीतर भी राजनीतिक समीकरण बदलते हैं, तो आसनसोल की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक परिवर्तन साबित हो सकता है। इससे नगर निगम की सत्ता संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी व्यापक असर पड़ सकता है। जितेंद्र तिवारी का “झंडा बदलने” वाला बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। भाजपा समर्थक इसे “परिवर्तन की शुरुआत” और जनता की जीत बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति करार दे रहे हैं।फिलहाल एक बात साफ दिखाई दे रही है कि विधानसभा चुनाव के बाद अब आसनसोल नगर निगम की राजनीति पर पूरे पश्चिम बर्दवान जिले की नजर टिक गई है, और आने वाले दिनों में यहां की राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
