शहीद दिवस कार्यक्रम की राह में सरकारी अस्पतालों को मेडिकल कैंप स्थापित करने का आदेश, भाजपा ने उठाए सवाल

 

कोलकाता । आगामी 21 जुलाई को आयोजित होने वाले शहीद दिवस कार्यक्रम में आने वालों की राह में मेडिकल कैंप स्थापित करने का सरकारी आदेश पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को दिया है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सवाल खड़ा किया है। पार्टी की आईटी सेल के प्रमुख और बंगाल के सह प्रभारी अमित मालवीय ने ट्विटर पर आदेश की प्रति डालते हुए पूछा है कि कार्यक्रम राजनीतिक पार्टी तृणमूल कांग्रेस का है। ऐसे में राज्य सरकार के सरकारी अस्पतालों से मेडिकल कैंप के स्थापना के आदेश जारी क्यों किए गए हैं।
दरअसल राज्य के स्वास्थ्य निदेशक नारायण स्वरूप निगम ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को एक आदेश जारी किया है जिसमें शहीद दिवस कार्यक्रम में जाने वालों की राह में मेडिकल कैंप स्थापित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि सात जुलाई को पश्चिम बंगाल ट्रैफिक डिपार्टमेंट से पत्र स्वास्थ्य विभाग को लिखा गया था जिसमें शहीद दिवस कार्यक्रम में होने वाली भीड़ के दौरान किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल कैंप स्थापित करने की गुजारिश की गई थी। उसी के मुताबिक आदेश दिए गए हैं। हालांकि इस पर सवाल खड़ा करते हुए अमित मालवीय ने ट्विटर पर लिखा है, “ममता बनर्जी ने 21 जुलाई के दिन को जिहाद के दिन के रूप में घोषित किया है। पश्चिम बंगाल सरकार सरकारी अस्पताल को 21 जुलाई के कार्यक्रम के लिए सभा स्थल स्थल को जाने वाले रास्तों पर चिकित्सा केंद्र आयोजित करने का आदेश क्यों दिया है? यह कार्यक्रम तृणमूल का है या सरकार का? यह जन स्वास्थ्य संरक्षण का दुरुपयोग है।

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