ईश्वर की साधना, मोक्ष मार्ग सरल है ।

सत्संग से भक्तों के जीवन में धार्मिक निष्ठा बढ़ती है, अच्छे संस्कार जागृत होते हैं ।

कोलकाता । ब्रह्मलीन स्वामी विश्वदेवानंद महाराज के निर्वाण दिवस पर सत्संग भवन में आचार्य श्री श्रीकांत शास्त्री, युवाचार्य डॉ. आकाश शर्मा, श्रीराम कथावाचक पुरुषोत्तम तिवारी, गौरा कृष्ण महाराज, वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन जोशी ने कहा स्वामी विश्वदेवानंद महाराज ने अध्यात्मिक, दार्शनिक, सांस्कृतिक वांग्मय अध्ययन कर बसुधैव कुटुम्बकम, जनकल्याण की भावना से श्रद्धालु भक्तों का जीवनपर्यन्त मार्गदर्शन किया । ईश्वर की साधना, मोक्ष मार्ग सरल है । सत्संग से भक्तों के जीवन में धार्मिक निष्ठा बढ़ती है, अच्छे संस्कार जागृत होते हैं । अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश को प्राप्त करने के लिये सन्त – महात्मा का सानिध्य जरूरी है । स्वामी विश्वदेवानंद महाराज के बताए सत्मार्ग का अनुसरण करना सच्ची श्रद्धांजलि है ।


सत्संग भवन के ट्रस्टी पण्डित लक्ष्मीकान्त तिवारी, शकुन्तला तिवारी, दीपक मिश्रा, सत्यनारायण भट्टड़, प्रदीप आसोपा, मुकेश शर्मा, पवन तोदी, समाजसेविका ज्योति वर्मा, समाजसेवी डॉ. अशोक पोद्दार, प्रकाश खेतान, मनोज पराशर, शंकरलाल सोमानी, पवन भट्टड़, बुलाकीदास मिमानी ने स्वामी विश्वदेवानंद महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर पूजन किया । संचालन राजेन्द्र कुमार सोनी, धन्यवाद ज्ञापन शंकर शर्मा ने किया । राजू शर्मा, अशोक शुक्ला, अरुणा अग्रवाल, अशोक तिवारी, अभय पांडेय एवं कार्यकर्ता आयोजन की सफलता के लिये सक्रिय रहे ।

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